लखनऊ, जेएनएन। लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर बेहद गंभीर भाजपा के खिलाफ समाजवादी पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी के एकजुट होने के ऐलान में महज औपचारिकता बाकी है। इसी बीच इनके साथ आने को आतुर राष्ट्रीय लोकदल अपने कोटे की सीट का फैसला भी अखिलेश यादव व मायावती के ऊपर छोड़ रहा है। इस बार कांग्रेस के अकेले मैदान में उतरने का लाभ लेने को राष्ट्रीय लोकदल भी आतुर है।

राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने कहा कि लखनऊ में होने वाली मायावती व अखिलेश यादव की साझा प्रेस कान्फ्रेंस की जानकारी उनको नहीं है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी ने 37-37 सीट पर लडऩा तय किया है। इनके साथ ही दो सीट राष्ट्रीय लोकदल को देने का निर्णय किया गया है। इन दोनों सीट पर अजीत सिंह और जयंत चौधरी मैदान में होंगे। चौधरी अजित सिंह ने कहा कि हम महागठबंधन का हिस्सा हैं, हमने अभी तक सीटों पर चर्चा नहीं की है। अब तो मायावती जी और अखिलेश जी तय करेंगे कि कांग्रेस के साथ गठबंधन होगा या नहीं।

राष्ट्रीय लोकदल चार सीट मांग रही है। मायावती अभी आरएलडी को तीन सीटों से ज्यादा देने के लिए राजी नहीं हैं, जबकि आरएलडी कम से कम चार सीट चाहती है। इस बार गठबंधन के तहत मथुरा, बागपत और मुजफ्फरनगर की सीटें आरएलडी को दी जा सकती हैं, लेकिन पार्टी एक और सीट चाहती है ।अखिलेश-मायावती अजित सिंह की पार्टी को 2 सीटें देना चाहते हैं लेकिन आरएलएडी ने दो टूक कह दिया है कि उन्हें ज्यादा सीटें चाहिए। 

Posted By: Dharmendra Pandey