रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Lok Sabha Election 2019 - झारखंड की कुल 14 सीटों में से आधी सीटों पर मतदान संपन्न हो गया है। अब राजनीतिक दल तथा उम्मीदवार शेष बची आधी अर्थात सात सीटों पर जोर लगाएंगे। इनमें से चार सीटों धनबाद, गिरिडीह, जमशेदपुर तथा सिंहभूम में 12 मई तथा तीन सीटों राजमहल, दुमका तथा गोड्डा में 19 मई को मतदान होगा।

तीसरे चरण की बात करें तो चार सीटों पर 67 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें गिरिडीह में 15, धनबाद में 20, जमशेदपुर में 23 तथा सिंहभूम में महज 09 उम्मीदवार हैं। इस चरण में 12 मई को होनेवाले मतदान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, वर्तमान सांसद सह पूर्व मंत्री पीएन सिंह, सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व मंत्री चंपाई सोरेन, विधायक जगन्नाथ महतो आदि की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

वहीं, चौथे व अंतिम चरण की तीन सीटों पर 42 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। संताल परगना की इन तीनों  सीटों पर पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, पूर्व मंत्री प्रदीप यादव, हेमलाल मुर्मू के अलावा वर्तमान सांसद निशिकांत दूबे तथा विजय हांसदा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इन सीटों पर 19 मई को मतदान होना है।

सबका ध्यान दुमका सीट पर होगा जहां पूर्व मुख्यमंत्री तथा झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन चुनाव लड़ रहे हैं। यदि वे जीत हासिल करते हैं तो वे नौंवी बार संसद पहुंचेंगे। वहीं, गोड्डा सबसे अधिक हॉट सीट है जहां निशिकांत दूबे तथा प्रदीप यादव आमने-सामने हैं। दोनों के बीच यहां जबर्दस्त टक्कर है तथा दोनों ने इस सीट को प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है।

यहां प्रदीप यादव पर हाल में ही पार्टी की एक महिला पदाधिकारी ने दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया है जिसके बाद से समीकरण कुछ बदलते दिख रहे हैं। प्रदीप यादव को यह सीट कांग्रेस के जबड़े से वापस मिली है। कांग्रेस की इस सीट पर मजबूत दावेदारी थी और पूर्व में यहां से पार्टी के उम्मीदवार संसद तक पहुंच चुके हैं। इसके बावजूद कांग्रेस ने महागठबंधन को बचाने के लिए सीट झारखंड विकास मोर्चा को देने का निर्णय लिया।

गोड्डा से महागठबंधन की ओर से झाविमो नेता प्रदीप यादव दावेदारी कर रहे हैं। उन्हें पिछले चुनाव में कांग्रेस से कहीं कम वोट मिले थे। इस चुनाव में धनबाद सीट पर भी रोचक मुकाबला दिख रहा है। भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य रहे कीर्ति आजाद यहां से पहली बार मैदान में उतरे हैं वहीं वर्तमान सांसद पीएन सिंह धीरे-धीरे इस क्षेत्र को अपना गढ़ बना चुके हैं।

सांसद बनने के पूर्व वे इस क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रह चुके हैं। इन सातों सीटों पर अन्य समीकरणों के साथ-साथ जातीय समीकरण भी महत्वपूर्ण होंगे। झरिया से भाजपा के विधायक के भाई के चुनाव लडऩे से मुकाबला रोचक हो गया है। हालांकि विधायक की पत्नी देवर को छोड़ पार्टी उम्मीदवार के लिए प्रचार अभियान में जुटी हुई हैं।

कहां कब कितने उम्मीदवार
सीट   2014   2019
छठा चरण
गिरिडीह  17  15
धनबाद  31  20
जमशेदपुर  15  23
सिंहभूम  12  09

सातवां चरण
राजमहल  11  14
दुमका 14  15
गोड्डा  16  13

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Posted By: Alok Shahi