वाराणसी, जेएनएन। केंद्रीय रेल व कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने चुनाव के दौरान कई दिनों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रचार की कमान संभाली। दिल्ली रवाना होने से पूर्व शुक्रवार को वे दैनिक जागरण कार्यालय आए और काशी के प्रबुद्धजनों संग संवाद किया। गोयल इस चुनाव में बड़ी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। दावा करते हैं कि भाजपा अकेले ही 300 से अधिक सीटें लाएगी जबकि एनडीए की करीब 360 सीटें आ रही हैं। 

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मोदी सरकार के काम के तरीके से सिस्टम की सोच भी बदली है। काम करने के तरीके बदले और व रफ्तार भी तेज हुई है। इस बात को 167 साल पुरानी रेल सेवा में हुए व्यापक सुधार से भी समझा जा सकता है। सरकार ने देश के 400 रेलवे स्टेशनों पर फ्री वाईफाई सुविधा की शुरुआत की और अब इनकी संख्या 1600 पहुंच गई है। दो सितंबर तक 6400 रेलवे स्टेशन इस सुविधा से युक्त हो जाएंगे। वाईफाई स्टेशनों के जरिए देश के कौशल विकास की रफ्तार भी बढ़ रही है। युवा इंटरनेट के जरिए सीखने संग  समझ बढ़ा रहे हैं। कौशल विकास को लेकर केंद्रीय मंत्री ने पैडमैन फिल्म के वास्तविक किरदार कोयंबटूर के मुरुगाथन का भी उदाहरण दिया। बताया कि योजना के तहत सीएसआर द्वारा संबंधित स्टेशनों पर युवक लैपटॉप लेकर हर दिन कुछ घंटों के लिए मौजूद रहेंगे जो आसपास के युवाओं का कौशल विकास में मदद करेंगे। केंद्रीय मंत्री का स्वागत दैनिक जागरण के प्रबंध संपादक तरुण गुप्त ने तुलसी का पौधा देकर किया। धन्यवाद ज्ञापन वाराणसी के निदेशक वीरेंद्र कुमार ने किया। संवाद का संचालन राज्य संपादक आशुतोष शुक्ल ने किया। इस मौके पर राजनीतिक संपादक प्रशांत मिश्र भी मौजूद रहे।

योग्य लोगों के बायोडाटा भी नहीं मिलते

अकादमिक संस्थानों में वामपंथी वर्चस्व से जुड़े सवाल के जवाब में गोयल ने कहा कि राष्ट्रवाद से प्रेरित साहित्यकारों को आगे आने की जरूरत है। राष्ट्रवादी साहित्यकारों का डेटाबेस होना चाहिए। दुखद है कि अच्छे व योग्य लोगों का बायोडाटा भी नहीं मिलता है। अनुरोध करने पर नाम सुझाए जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने दैनिक जागरण परिवार से अनुरोध किया कि ऐसे योग्य लोगों का डेटाबेस तैयार करने में भूमिका निभाएं।

भूमिगत तारों से रुकी बिजली चोरी

पीयूष गोयल ने बताया कि बनारस सहित कई शहरों में अंडर ग्राउंड केबिल बिछाए जाने से व्यापक पैमाने पर बिजली चोरी रुक गई है। बनारस में ही बिजली के कनेक्शन दोगुने हो गए हैं। हमारी सरकार ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी व्यापक काम किए। 2014 में 2500 मेगावाट सौर ऊर्जा की क्षमता थी जो अब 30 हजार मेगावाट पहुंच चुकी है। गांवों को निर्बाध बिजली के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गांवों मेंं आम उपभोक्ता और किसानों के बिजली कनेक्शन अलग-अलग करने के बाद ही यह लक्ष्य पूरा हो सकता है। सस्ती बिजली दर के लिए भी सरकार प्रयासरत है।

टॉफी-फूल व क्रिकेट किट देकर रोका ट्रेनों पर पथराव

रेलवे सुरक्षा को लेकर हुई चर्चा के दौरान रेल मंत्री ने अनूठे सफल प्रयोग के बारे में विस्तार से बताया। कहा, रेलवे की टीम ने उन गांवों और जगहों को चिह्नित किया जहां ऐसी घटनाएं हो रही थीं। आमतौर पर मिला कि किशोर और युवा शरारत में ऐसा कर रहे हैं। अलग-अलग टीम गांवों में गई। बच्चों को टॉफी बांटी गई, युवाओं को फूल देकर समझाने के साथ खेलकूद के लिए प्रेरित करने के क्रम में क्रिकेट किट भी दिए गए। उन जगहों पर पथराव बंद हो गया। 

पिताजी चाहते थे संस्कृत पढूं

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से जुड़े सवाल का जवाब देने के बाद कहा कि मेरे पिताजी चाहते थे कि मैं संस्कृत का भी अध्ययन करूं। अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। 

मोदी जी चुनते कौशल विकास मंत्रालय

गोयल ने बताया कि एक बार वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले तो पूछ बैठे कि यदि आपको अपने लिए मंत्रालय चुनना होता तो कौन सा चुनते। पीएम ने उत्तर दिया कौशल विकास। प्रधानमंत्री कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक विजन के साथ काम कर रहे हैं।

एक्सप्रेस वे संग सेमी हाई स्पीड ट्रेन का विचार

बुलेट ट्रेन के सवाल पर रेलमंत्री ने बताया कि यह ट्रेन 2023 तक देश में आ जाएगी। इससे पहले जापान की कंपनी से अनुरोध किया गया है कि आजादी के 75 साल के अवसर पर बुलेट ट्रेन का एक पैच मुंबई-अहमदाबाद के बीच शुरू हो जाए। इसी क्रम में हम यह भी विचार कर रहे हैं कि यूपी में एक्सप्रेस वे के समानांतर सेमी हाई स्पीड नेटवर्क तैयार करें। इस बारे में सीएम योगी से भी बात हुई है। यह सेमी हाई स्पीड ट्रैक पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के साथ चलते हुए गाजीपुर तक जाएगा। लखनऊ से ही यह ट्रैक आगरा एक्सप्रेस वे के समानांतर आगरा तक जाएगा। इस तरह से एक्सप्रेस वे के जरिए यह ट्रेन गाजीपुर, लखनऊ और आगरा तक जाएगी। गाजीपुर से यह सेमी हाई स्पीड ट्रेन का ट्रैक फोरलेन के जरिए वाराणसी तक से जुड़ सकेगा।

एलईडी से देश ने बचाए 50 हजार करोड़

केंद्रीय मंत्री ने एलईडी बल्ब के जरिए बिजली बचत के क्षेत्र में हुए व्यापक सुधार के बारे में विस्तार से बताया। बोले, सामान्य बल्ब की जगह अब तक देश में 145 करोड़ एलईडी बल्ब लगाए जा चुके हैं। इसमें 111 करोड़ आम उपभोक्ताओं व 44 करोड़ सरकारी प्रतिष्ठानों ने लगाए। इतने एलईडी की खरीद पर देशवासियों ने 15 हजार करोड़ खर्च किए और बिजली के बिल में 50 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई।

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Posted By: Abhishek Sharma

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