भोपाल, जेएनएन। Madhya Pradesh Lok Sabha Election 2019 Result के शुरूआती रुझान भाजपा की उसके गढ़ में वापसी के संकेत दे रहे हैं। पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 15 साल बाद मध्य प्रदेश की सत्ता से भाजपा को बेदखल किया था। कांग्रेस ने किसानों की कर्जमाफी के वादे के साथ भाजपा से उसका गढ़ छीना था। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने इसी मुद्दे पर कांग्रेस को जमकर घेरा और अब रुझान उसके पक्ष में दिख रहे हैं। 19 मई को आए एग्जिट पोल में भी मध्य प्रदेश में भाजपा को बढ़त के संकेत दिए गए थे। अब मतगणना के शुरूआती भी इसी तरफ इशारा कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश में कुल 29 लोकसभा सीटें हैं। इसमें से 26 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है और कांग्रेस मात्र 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। मालूम हो कि चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश में आम लोगों से जुड़े विकास, शिक्षा, रोजगार, कर्ज माफी के अलावा देशभक्त और देशद्रोह मुद्दा भी खूब उझला। भोपाल से भाजपा की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ने अभिनेता से नेता बने कमल हासन के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को सच्चा देशभक्त बता दिया।

इसके जवाब में कांग्रेस महात्मा गांधी को सबसे बड़ा देशभक्त बताते हुए, उनके हत्यारे नाथूराम को सबसे बड़ा देशद्रोही बताने में जुट गई। इसके जरिए कांग्रेस ने अप्रत्यक्ष रूप से साध्वी प्रज्ञा को निशाना बनाया। नाथूराम से पहले कांग्रेस ने 2008 के मालेगांव धमाकों में साध्वी प्रज्ञा को आरोपी बनाए जाने के मुद्दे को खूब उछाला था। इस केस में साध्वी प्रज्ञा के ऊपर हिंदू आतंकवाद और भगवा आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे आरोप लगे थे। उनके ऊपर आतंकवाद संबंधी धाराओं में ममला भी दर्ज हुआ था।

हालांकि साध्वी प्रज्ञा को आतंकवाद के आरोपों से छुटकारा मिल चुका है। भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा का ये कहकर बचाव किया कि उनकी उम्मीदवारी भगवा आतंकवाद के झूठे आरोपों को करार जवाब देने के लिए है। हालांकि नाथूराम को लेकर दिए गए साधवी के बयान ने पार्टी को मुश्किल में डाल दिया था। पार्टी की सख्ती के बाद मामले में साध्वी प्रज्ञा को माफी भी मांगनी पड़ी थी।

भोपाल से साध्वी प्रज्ञा को चुनौती दे रहे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह काफी मजबूत दावेदार माने जा रहे थे। हालांकि वह इस सीट से पीछे चल रहे हैं। दिग्विजय सिंह अकेले नहीं हैं, छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ भी पीछे चल रहे हैं। गुना सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया भी पीछे चल रहे हैं। दोनों जगह भाजपा आगे है। उज्जैन में भी कांग्रेस को पछाड़, भाजपा के अनिल फिरोजिया आगे चल रहे हैं।

विदिशा रायसेन से भाजपा के रमाकांत भार्गव आगे हैं। खरगोना से भाजपा के गजेंद्र पटेल आगे हैं। राजगढ़ से भाजपा के रोडमल नागर और जबलपुर से भाजपा के राकेश सिंह बहुत आगे चल रहे हैं। होशंगाबाद नरसिंहपुर संसदीय क्षेत्र की गाडरवारा सीट से भाजपा के राव उदय प्रताप सिंह और शहडोल से भाजपा के हिमाद्रि सिंह आगे चल रहे हैं। शुरूआती रुझान में भाजपा ने राज्य की 26 लोकसभा सीटों पर बढ़त बना ली है। कुछ सीटों पर बढ़त इतना ज्यादा बन चुकी है कि अब उनका खत्म होना थोड़ा मुश्किल लग रहा है। उधर कांग्रेस को मात्र तीन सीटों पर ही बढ़त प्राप्त है। रुझान अगर परिणाम में बदलते हैं तो राज्य से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा।

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Posted By: Amit Singh

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