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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस नए चेहरों पर लगा रही दांव; पहली बार चुनाव लड़ेंगे ये नौ युवा नेता, क्‍या है कांग्रेस की रणनीति?

Published: Tue, 02 Apr 2024 08:01 PM (IST)

Lok Sabha Election 2024 मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। कांग्रेस ने 25 सीटों पर उम्मीदवारों ...और पढ़ें

Lok Sabha Chunav 2024: कांग्रेस ने नए और युवा चेहरों पर लगाया दांव।
Lok Sabha Chunav 2024: कांग्रेस ने नए और युवा चेहरों पर लगाया दांव।

जेएनएन, भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस अब नई पीढ़ी को मौका दे रही है। इस बार लोकसभा चुनाव में पार्टी ने कई युवा चेहरों पर दांव लगाया है। मध्य प्रदेश की 28 लोकसभा सीटों पर इस बार कांग्रेस चुनाव लड़ रही है। एक सीट खजुराहो पर समाजवादी पार्टी ने अपना प्रत्याशी गठबंधन के तहत उतारा है। पार्टी अभी तक 25 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है।

पार्टी ने पांच पूर्व और पांच मौजूदा विधायकों पर भरोसा जताया है। वहीं नौ नए चेहरे को पार्टी ने मौका दिया है। गुना हाई प्रोफाइल सीट पर कांग्रेस ने राव यादवेंद्र सिंह यादव को उतारा है। यादवेंद्र सिंह पहले भाजपा में थे और बाद में कांग्रेस का हिस्सा बने। हालांकि उन्हें मुंगावली से विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। कुल मिलाकर 18 प्रत्याशी पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

इन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा अभी नहीं

कांग्रेस ने परंपरागत चेहरों की जगह जबलपुर से दिनेश यादव, भोपाल से अरुण श्रीवास्तव और इंदौर से अक्षय कांति बम को उम्मीदवार घोषित किया है। अभी मुरैना, ग्वालियर और खंडवा लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। सागर से चंद्रभूषण सिंह बुंदेला, बालाघाट से सम्राट सिंह सरस्वार, टीकमगढ़ से पंकज अहिरवार, देवास से राजेंद्र मालवीय, धार से राधेश्याम मुवेल और खरगोन से पोरलाल परते को उतारा गया है।

इन विधायकों पर जताया भरोसा

कांग्रेस ने लोकसभा के समर में पांच विधायकों को भी उतारा है। शहडोल से फुंदेलाल सिंह मार्का, सतना से सिद्धार्थ कुशवाहा, मंडला से ओमकार सिंह मरकाम, उज्जैन से महेश परमार और भिंड लोकसभा सीट से फूल सिंह बरैया को प्रत्याशी बनाया गया है।

इन पूर्व विधायकों को भी मौका

पिछले साल चुनाव हारने वाले पांच विधायकों को भी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में उतारा है। दमोह से तरवर सिंह लोधी, होशंगाबाद से संजय शर्मा, सीधी से कमलेश्वर पटेल, मंदसौर से दिलीप सिंह गुर्जर पर पार्टी ने दांव लगाया है। वहीं पूर्व विधायक नीलम अभय मिश्रा को रीवा सीट से टिकट मिली है। 2013 में नीलम भाजपा से विधायक बनी थीं।

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इन आदिवासी नेताओं को मिली टिकट

कांग्रेस ने बैतूल लोकसभा सीट पर रामू टेकाम को उतारा है। रामू आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। रतलाम लोकसभा सीट से अनुभवी आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया को टिकट दिया गया है। कांतिलाल भूरिया का सामना वन मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता चौहान से होगा। इस सीट से कांतिलाल पांच बार सांसद रह चुके हैं।

33 साल बाद राजगढ़ से दिग्विजय उतरे

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के इकलौते सांसद नकुल नाथ छिंदवाड़ा के रण में उतरे हैं। वहीं 33 साल बाद राजगढ़ लोकसभा सीट से दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। विदिशा सीट पर शिवराज सिंह चौहान के सामने पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा होंगे।

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