जयपुर, राज्य ब्यूरो। विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह का कहना है कि सेना के शौर्य के बखान को जो लोग सेना का राजनीतिकरण कह रहे हैं, उन्हें राजनीति का ज्ञान नहीं है। सेनाओं में कोई राजनीतिकरण नहीं हो रहा है। हमारे देश की सेनाएं राजनीति में कभी नहीं पड़तीं। जयपुर में प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत में जनरल वीके सिंह ने कहा कि मैं खुद 42 वर्ष फौज में रहा हूं, इसलिए आपको स्पष्ट बता सकता हूं कि भारत की सेनाएं राजनीति में नहीं फंसती हैं।

उन्होंने कहा कि जिस देश में सेना का सम्मान नहीं होता, वह देश आगे नहीं ब़़ढ सकता। सेना के शौर्य की बात तो पहले भी होती रही है। 1962, 1965, 1971 और कारगिल हर बार सेना के शौर्य की बात हुई और इसे राजनीतिकरण करना बहुत गलत है।

पहले की सरकारों के समय हुई सर्जिकल स्ट्राइक्स के बारे में सिंह ने कहा कि लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर सेना के स्तर पर बहुत सारी कार्रवाई होती रहती हैं। इसमें काफी जोखिम भी होता है। एक गलती बहुत भारी पड़ती है, इसीलिए इसकी चर्चा नहीं की जाती। लेकिन कई बार सैन्य कार्रवाई के लिए सेना को सरकार का समर्थन मिलता है और सरकार कहती है कि आप आगे ब़ि़ढए हम आपके साथ हैं। इस सरकार के समय ऐसा समर्थन सेना के साथ हमेशा रहा है।

Posted By: Tanisk

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