आगरा, जेएनएन। राजनीति ऐसा खेल है जहां रिश्तों का न मोल है और न जुबान पर कोई रोक। फीरोजाबाद संसदीय क्षेत्र राजनीति की बिसात पर रिश्तों की शतरंज खेली जा रही है।

एक तरफ सपा बसपा गठबंधन से अक्षय यादव हैं तो दूसरी ओर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव। देश के सबसे बड़े राजनीतिक कुनबे का मुकाबला चुनावी रण में रोचक होता दिख रहा है। इसकी एक तस्वीर शुक्रवार को देखने को मिली। दरअसल शुक्रवार को फीरोजाबाद संसदीय क्षेत्र का नामंकन सपा की ओर से अक्षय यादव ने दाखिल किया। चाचा भतीजे की जंग पर जब अक्षय से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बड़ों का काम आशीर्वाद देनो है। एक भतीजे को मुख्यमंत्री बनाया था अब दूसरा सांसद का चुनाव लड़ रहा है।

शिवपाल चाचा हमें भी आशीर्वाद दें। भाजपा की ओर से अभी तक किसी प्रत्याशी की घोषणा न होने पर अक्षय यादव ने कहा कि भाजपा ने अब तक कोई प्रत्‍याशी फीरोजाबाद संसदीय क्षेत्र में नहीं उतारा है। इसका मतलब है कि भाजपा की हालत खस्ता है। 

इससे कुछ देर बाद ही प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव ने प्रेसवाता रखी, जिसमें अक्षय यादव के पिता प्रो रामगोपाल यादव पर भाजपा के साथ मिली भगत का आरोप लगाया। शिवपाल ने कहा कि रामगोपाल यादव ने बेटे और बहू को जेल जाने से बचाने के लिए भाजपा की शरण ली है।

सीबीआइ के दवाब और भाजपा के इशारे पर परिवार को बर्बाद करने की सुपारी राम गोपाल ने ली हुई है। शिवपाल अभी यहीं नहीं रुके थे। उन्होंने सपा को बसपा की पिछलग्गू पार्टी तक कह दिया। कहा कि पार्टी में टिकट बेचे जा रहे हैं। शिवपाल बोले कि वे लोहिया के आंदोलन को खत्म नहीं होने देंगे। उनका जीवन फीरोजाबाद की जनता के लिए समर्पित है। 

Posted By: Prateek Gupta

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