पटना [जेएनएन]। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग जारी है। वोट देना हर बालिग नागरिक का अधिकारही नहीं, बल्कि कर्तव्‍य भी है। इसके द्वारा हम अपनी सरकार चुनते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि वोट कैसे डालना है? क्‍या केवल जानकारी के अभाव में आप अभी तक वोट डालने नहीं गए हैं? अगर ऐसा है तो यह खबर खास आपके लिएही है। आइए जानते हैं वोट डालने की प्रक्रिया...

सबसे पहले मतदाता सूची में खोजें नाम

वोट देने के लिए जरूरी है कि आपका नाम मतदाता सूची (निर्वाचन सूची) में हो। सबसे पहले मतदाता सूची में अपना नाम देखना जरूरी है।

फिर मतदान केंद्र पर ऐसे दें वोट

- मतदान केंद्र पर आपकी बारी आने पर मतदान अधिकारी आपका नाम मतदाता सूची में देखेंगे और आपके पहचान पत्र की जांच करेंगे।

- इसके बाद दूसरे मतदान अधिकारी आपकी अंगुली पर स्याही लगाकर एक पर्ची देंगे। साथ ही एक रजिस्टर (फ़ॉर्म 17 ए) पर आपके हस्ताक्षर लेंगे।

- इसके बाद आपको मिली पर्ची तीसरे मतदान अधिकारी के पास जमा करानी होगी। उन्‍हें स्याही लगी अंगुली दिखानी होगी। इसके बाद आप मतदान में केंद्र जा सकेंगे।

- मतदान केंद्र में आपके अलावा कोई नहीं रहेगा। वहां रखे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर अपनी पसंद के प्रत्‍याशी के चुनाव चिह्न के सामने वाला बटन दबा दें।

- र्इावीएम बीप की एक खास आवाज के साथ अपना वोट रिकॉर्ड कर लेगी।

- वीवीपीएटी मशीन की पारदर्शी विंडो में दिखाई देने वाली पर्ची की जांच करें। सीलबंद वीवीपीएटी बॉक्स में गिरने से पहले, उम्मीदवार के सीरियल नंबर, नाम, और चिह्न वाली पर्ची सात सेकंड तक दिखाई देती है।

- अगर आप किसी भी प्रत्‍याशी को पसंद नहीं करते तो आपके लिए 'नोटा' का बटन है। 'उपर दिए गए में से कोई नहीं' के सामने वाला बटन दबाकर आप 'नोटा' की वोटिंग कर सकते हैं। यह ईवीएम पर अंतिम बटन होता है।

गोपनीय रहता है मतदान

मतदान केंद्र पर वोट देते समय वहां पर कोई और मौजूद नहीं रहता है। मतदान की गोपनीयता के लिए यह जरूरी है।

Posted By: Amit Alok