इंदौर, अभिषेक चेंडके। ट्रेन में यात्रियों के साथ चुनावी चर्चाएं भी इन दिनों सफर कर रही हैं। रेल की बोगी में पराठे आचार की खुशबू के साथ गर्मागर्म राजनीतिक बहस भी जोर पकड़ रही है। इंदौर- जम्मूतवी यानी मालवा एक्सप्रेस में सफर के दौरान यात्रियों के बीच छिड़ी राजनीतिक बहस से रूबरू होने का मौका मिला। ज्यादातर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल से संतुष्ट नजर आए, लेकिन यह भी कहा कि देश का सम्मान तो सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बढ़ा है, अब नौकरियां भी बढ़नी चाहिए। कुछ ऐसा रहा इंदौर-देवास-उज्जैन लोकसभा क्षेत्रों के बीच यात्रा का आंखों देखा हाल।

स्टेशन के चार नंबर प्लेटफॉर्म पर मालवा एक्सप्रेस आ चुकी है। अपनी तय बोगियों में यात्री सवार हो रहे हैं। कोई जत्थे में तो कोई परिवार के साथ ट्रेन में सफर करने के लिए तैयार है। 12.35 बजे इंजन की सीटी बजती है और हरी झंडी मिलते ही ट्रेन स्टेशन छोड़ने लगती है। आरक्षित श्रेणी की बोगियां कुछ खाली हैं, जबकि जनरल बोगियां पैक हैं। यहीं खिड़की वाली सीट पर गाजियाबाद के विनोद राघव बैठे हैं। वे ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने आए थे। बातों का सिलसिला उन्होंने छेड़ा। इस बार तो फिर मोदी की सरकार बनेगी, उनके सामने वाली सीट पर बैठे दीनदयाल कर्दम ने बात काटी, ऐसा नहीं है। जीएसटी से व्यापारी और जनता नाराज है। सरकार बदल भी सकती है। कई सांसद अपने-अपने इलाकों में सक्रिय नहीं हैं। राघव ने कहा कि मैं भी मानता हूं कि मेरे क्षेत्र में सांसद ज्यादा सक्रिय नहीं रहे, लेकिन मुझे सरकार की नीतियां पसंद हैं।

दूसरी सीट पर बैठे विदिशा निवासी नितिन विश्वकर्मा भी बहस में शामिल हो गए और कहा कि मेरी पसंद तो भाजपा है। कम से कम पांच साल भ्रष्टाचार तो नहीं हुआ। उनकी बातों का जवाब देते हुए कर्दम ने कहा कि भ्रष्टाचार तो होता है, लेकिन अब उजागर होना बंद हो गया। बड़ी देर से चर्चा सुन रहे सामने की सीट पर बैठे यात्री राजेश कुमार भी शामिल हो जाते हैं। बोले- मैं पंजाब से हूं, वहां की ज्यादातर सीटों पर बीजेपी नहीं आने वाली है।

हमें तो दो लाख का फायदा हुआ :

बोगी एस-वन में भी राजनीतिक चर्चा चल रही है। यहां बैठे तीन परिवार वैष्णव देवी के दर्शन करने के लिए कटरा जा रहे हैं। पिवडाय गांव के निवासी रवींद्र चौधरी किसान हैं। वे कहते हैं- सर्जिकल स्ट्राइक से देश का सम्मान बढ़ा है। पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए फिर मोदी को आना चाहिए। सामने की सीट पर बैठे मथुरा निवासी भूरे सिंह कहते हैं- यह सही है कि देश का सम्मान बढ़ा है, लेकिन रोजगार भी बढ़ना चाहिए। युवा इंजीनियर की डिग्री लेकर रोजगार के लिए भटक रहे हैं।

उनकी बात का जवाब देते हुए सचिन शर्मा कहते हैं कि केंद्र सरकार ने युवाओं को खुद का व्यापार करने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। लोन आसानी से मिल रहे हैं। इस बहस में शामिल होकर ज्योति परमार कहती हैं कि हमें तो इस बार की सरकार ही अच्छी लगी है। मकान के लिए जो कर्ज लिया है, उसमें दो लाख की छूट मिल गई। चर्चा तेज होने लगी। इस बीच ट्रेन की रफ्तार धीमी होने लगी और उज्जैन स्टेशन आ गया। यहां से काफी यात्री ट्रेन में सवार हुए। कुछ देर बाद रुकने के बाद ट्रेन फिर चल पड़ी।

Posted By: Dhyanendra Singh

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