जम्मू, राज्य ब्यूरो। संसदीय चुनाव की सरगर्मियों के बीच लद्दाख में कांग्रेस की फूट से भाजपा ने बड़ी उम्मीदें लगाई हैं। कारगिल से कांग्रेस के बागी विधायक असगर करबलई के अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार रिगजिन स्पालवार के खिलाफ मैदान में उतरने से भाजपा उत्साहित है।

भाजपा सांसद थुप्स्तन छिवांग के अपनी ही पार्टी पर वादाखिलाफी का आरोप लगा त्यागपत्र देने से भाजपा को आघात तो कांग्रेस को फायदा हुआ था। अब कारगिल से करबलई का मैदान में उतरना कांग्रेस के लिए झटका है। लेह में मंगलवार को कांग्रेस को उस समय एक और झटका लगा जब कांग्रेस की महिला नेता थुक्जे डोलमा भाजपा में शामिल हो गई। डोलमा नोबरा वैली के कारडोंग क्षेत्र की रहने वाली हैं। भाजपा में उनका स्वागत प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना ने किया। उनके साथ वरिष्ठ नेता सतीश शर्मा, नवांग समस्थान, नवांग सीरिंग, गेलिक, ताशी ग्यालसन, फुंचक आंगमो व एडवोकेट डाल मौजूद थी। इस मौके पर थुक्जे डोलमा ने कहा कि कांग्रेस ने लेह व नोबरा के लोगों के साथ धोखा किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काम से प्रभावित होकर ही उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है।

कांग्रेस ने लद्दाख को किया नजरअंदाज : जितेन्द्र सिंह

कांग्रेस नेताओं के बागी तेवर दिखाने के बाद भाजपा भी अपने प्रचार अभियान में विरोधी पार्टी को निशाना बना रही है। मंगलवार को डॉ. जितेन्द्र सिंह ने लेह में भाजपा के उम्मीदवार जामियांग सीरिंग नाम्गयाल के समर्थन में प्रचार करते हुए कहा कि कश्मीर केंद्रित नीतियों के कारण कांग्रेस ने लद्दाख क्षेत्र को नजरअंदाज किया। केंद्र व राज्य में सत्ता में रही भाजपा ने इस क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीरता से काम किया।

उम्मीदवारों के चुनाव खर्च का निरीक्षण जारी

लद्दाख संसदीय क्षेत्र में चुनाव को निष्पक्ष बनाने की मुहिम के तहत उम्मीदवारों के चुनाव खर्च पर चुनाव आयोग की पैनी नजर है। उनके खर्च का लेखा जोखा खंगाला जा रहा है। लद्दाख के चुनाव खर्च पर्यवेक्षक मिलन रूचल ने मंगलवार को लेह में चार उम्मीदवारों के चुनाव खर्च का निरीक्षण किया। इस दौरान भाजपा के उम्मीदवार जामियांग सीरिंग नाम्गयाल, कांग्रेस के रिगजिन स्पालवार, निर्दलीय सज्जाद कारगिली व असगर करबलई के चुनाव खर्च के हिसाब किताब का लेखा जोखा देखा गया। पार्टी के एजेंटों द्वारा सौंपे गए खर्च के बिलों का भी निरीक्षण किया गया। इस मौके पर सहायक चुनाव अधिकारी व चुनाव खर्च की निगरानी करने वाले नोडल आफिसर भी मौजूद थे। चार मई तक उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की तीन बार जांच होगी। खर्च पर्यवेक्षक ने कहा कि चुनाव का हिसाब त्रुटिरहित हो। यह भी देखा जाए कि चुनाव पर धन खर्चने संबंधी हर बिल पारदर्शी तरीके से सौंपा गया है। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार कोई भी उम्मीदवार अपने चुनाव पर 70 लाख से अधिक खर्चा नहीं कर सकता है।

Posted By: Rahul Sharma

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