गंगटोक, जागरण संवाददाता। मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने लिम्बु-तमांग समुदायों को वर्तमान 32 में से 5 सीटें आरक्षण करने की मांग करने वाले सभी पार्टियों को बहुसंख्यक समुदाय का विरोधी बताया है। वे दक्षिण सिक्किम जोरथांग में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) पार्टी के राज्य स्तरीय जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सिक्किम में बहुसंख्यक समुदायों के विरूद्ध राजनैतिक षड्यंत्र हो रहा है। इस बात की पुष्टि वर्तमान विधानसभा लिम्बु-तमांग समुदाय के सीट आरक्षण पर मांग से हो रहा है। 32 सीटों में लेप्चा-भूटिया जनजाति को 12, बौद्ध भिक्षुओं को 1 सीट व अनुसूजित जाति के लिए 2 सीटें आरक्षित है। इस तरह 15 सीटें आरक्षित है। यदि 32 में से ही 5 सीटें लिम्बु-तमांग जनजाति को आरक्षण करने से 20 सीटें आरक्षित हो जाएगा। इस तरह बहुसंख्यक समुदायों के लिए केवल 12 सीटें ही बचेगा।

जनसंख्या के आधार पर यह गणित 60 फीसदी बहुसंख्यक लोगों के खिलाफ बड़ा षड़यंत्र है। इस तरह के मांग करने वाले भी बहुसंख्यक विरोध तत्वों से मिलकर षड़यंत्र में शामिल है। जिसका एसडीएफ पार्टी विरोध करती है। उन्होंने आगामी चुनाव में पूर्ण बहुमत से साथ सत्ता में छठीं बार आने तथा इसके लिए पार्टी को लगातार समर्थन प्राप्त होने का विचार व्यक्त किया।

उक्त जनसभा में हाम्रो सिक्किम पार्टी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष आरबी सुब्बा, पूर्व उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री केएन उप्रती, एसकेएम समर्थक एमके सुब्बा सहित कई अन्य नेता एसडीएफ में विधिवत रूप में शामिल हुए। इसी तरह सुब्बा व उप्रेती के साथ हजारों की संख्या में समर्थक एसडीएफ में शामिल हुए है। सुब्बा ने हाम्रो सिक्किम पार्टी में वाईचुंग भूटिया के अराजकता एवं अप्रजातांत्रिक व्यवहार के कारण परित्याग करने का आरोप लगाया है। 

Posted By: Preeti jha

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