लखनऊ, जेएनएन। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेश्वर लू ने विपक्षी दलों की ओर से की गईं इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी की शिकायतें को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि अप्रयुक्त या रिजर्व ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम में रखने और जरूरत के अनुसार, दूसरे जिलों में भेजे जाने को सोशल मीडिया पर गलत ढंग से पेश किया जा रहा है। वीडियो वायरल करके भ्रम पैदा किया जा रहा है। चंदौली, डुमरियागंज, झांसी, मऊ व गाजीपुर के मामलों को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है।

मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने दो टूक कहा कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं। पांचों जिलों के मामलों को उन्होंने एक-एक कर स्पष्ट भी किया।

उन्होंने बताया कि गाजीपुर में गठबंधन के प्रत्याशी अफजाल अंसारी की ओर से स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई ईवीएम की निगरानी के लिए वहां तीन प्रवेश द्वारों पर कम से कम पांच-पांच बूथ कार्यकर्ताओं को निगरानी के लिए तैनात करने की मांग को मान लिया गया है। आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में प्रत्येक प्रत्याशी के पांच-पांच बूथ कार्यकर्ता वहां तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि हर जगह ईवीएम त्रिस्तरीय सुरक्षा में रखी गई हैं। इन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में डबल लॉक में रखा गया है। सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल तैनात किया गया है।

चंदौली में मतदान में अप्रयुक्त व रिजर्व ईवीएम और वीवीपैट मशीन को स्ट्रॉन्ग रूम में रखवाया जा रहा था। यहां राजनीतिक दल के एक प्रत्याशी द्वारा विरोध किया गया और इसे कलेक्ट्रेट परिसर में रखने की मांग की गई। ऐसे में सभी की मौजूदगी में इसे कलेक्ट्रेट परिसर में ही रखवाया गया। इस पर राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों द्वारा लिखित तौर पर संतोष जताया गया। वहीं, डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र में सिद्धार्थनगर में बीती 13 मई को अप्रयुक्त व रिजर्व ईवीएम व वीवीपैट मशीनें दूसरे जिले में स्थानांतरित की जा रही थीं।

कुछ राजनीतिक दलों द्वारा उन्हें स्थानांतरित करने का विरोध किया गया। स्ट्रॉन्ग रूम ले जाकर उसका निरीक्षण करवाया गया तो उन्हें अप्रयुक्त हुई ईवीएम व वीवीपैट मशीन की संख्या व सूची उपलब्ध करवाई गई तो वह पूरी तरह संतुष्ट हो गए। इसी तरह झांसी में बीती 29 व 30 अप्रैल की रात में भी अप्रयुक्त ईवीएम मतदान के बाद स्ट्रॉन्ग रूम में रखवायी जा रही थीं। यह प्रक्रिया प्रत्याशियों के समक्ष हुई। कहीं कोई गड़बड़ी व भ्रम की शिकायत नहीं है। फिर भी सोशल मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर वीडियो वायरल कर इसे गलत ढंग से पेश किया जा रहा है। वहीं, मऊ में भी ईवीएम की सुरक्षा पर सवाल उठाए गए हैं वह भी सही नहीं है। इस पर डीएम से जानकारी ली गई है।

सिर्फ दस फीसद ईवीएम बदली गईं

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव में करीब 25 प्रतिशत ईवीएम और वीवीपैट मशीनें रिजर्व में रखी गईं थी। कंट्रोल यूनिट व बैलेट यूनिट में खराबी की शिकायत पर मात्र दस फीसद ही ईवीएम बदली गईं। मॉक पोल के समय गड़बड़ी होने पर तीन फीसद वीवीपैट मशीनें बदली गईं। ऐसे में जो बाकी रिजर्व व अप्रयुक्त ईवीएम और वीवीपैट मशीनें स्ट्रॉन्ग रूम में वापस रखवायी जा रही हैं।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Umesh Tiwari