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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुजरात में खत्‍म हो गया दूसरे चरण का प्रचार, मंदिर से लेकर खूब उठा पाक का मुद्दा

By Kamal VermaEdited By:
Published: Tue, 12 Dec 2017 05:49 PM (IST)Updated: Wed, 13 Dec 2017 11:45 AM (IST)

गुजरात विधानसभा के दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम थम गया। इसके साथ ही अपने प्रतिनिधियों की जिम्‍मेदारी अब केवल वोटरों को निभानी है।

गुजरात में खत्‍म हो गया दूसरे चरण का प्रचार, मंदिर से लेकर खूब उठा पाक का मुद्दा
गुजरात में खत्‍म हो गया दूसरे चरण का प्रचार, मंदिर से लेकर खूब उठा पाक का मुद्दा

नई दिल्‍ली [स्‍पेशल डेस्‍क]। गुजरात विधानसभा के दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम थम गया। इसके साथ ही अपने प्रतिनिधियों की जिम्‍मेदारी अब केवल वोटरों को निभानी है। 14 दिसंबर को दूसरे चरण के लिए 93 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसमें अहमदाबाद की 16 सीटें भी हैं जिनमें से मौजूदा समय में 14 पर भाजपा का कब्‍जा है। 18 दिसंबर को गुजरात के भविष्‍य का फैसला सभी के सामने आ जाएगा।

दिग्गज अपने मत का करेंगे इस्तेमाल
-पीएम नरेंद्र मोदी अहमदाबाद में अपने मताधिकार का करेंगे इस्तेमाल।
-भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह नारनपुर में डालेंगे वोट।
-वित्त मंत्री अहमदाबाद के वेजलपुर में अपने मत का करेंगे इस्तेमाल।
-पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी अहमदाबाद के खानपुर में डालेंगे वोट।
- मांडवी से कांग्रेस प्रत्याशी शक्ति सिंह गोहिल गांधीनगर में अपने मत का करेंगे इस्तेमाल।
- गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष भारत सिंह सोलंकी बोरसाड में डालेंगे वोट।

कांग्रेस- भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत

गुजरात के चुनाव में कांग्रेस हो या भाजपा दोनों ने ही अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। दोनों ही पार्टियों के सभी दिग्‍गज या यू कहें कि पार्टी अध्‍यक्ष से लेकर संगठन के दूसरे बड़े नेताओं ने भी अपनी सारी ताकत लगा दी है। भाजपा ने तो अपने शासित राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों को भी इस प्रचार में उतारा था। वहीं कांग्रेस की तरफ से प्रचार की कमान खुद नवनिर्वाचित अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने ही संभाली थी। राहुल गांधी की बात चली ही है तो हम बता दें कि राहुल गांधी ने रोड शो के अलावा जिस चीज का सबसे ज्‍यादा अपने प्रचार के लिए इस्‍तेमाल किया वह थे गुजरात के मंदिर। पूरे प्रचार के दौरान उन्‍होंने गुजरात के लगभग हर मंदिर में मत्‍था टेका। प्रचार के अंतिम दिन भी वह गुजरात के प्रमुख जगन्नाथ मंदिर के दर्शन किए। वहीं दूसरी तरफ भाजपा की कमान संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सी-प्‍लेन से अंबाजी मंदिर पहुंचे।

मुद्दा बनते रहे राहुल-मोदी के बयान

पूरे प्रचार के दौरान यदि राहुल और मोदी के बयानों पर जरा नजर डालें तो कभी राहुल कभी मंदिर में रजिस्‍टर पर किए गए साइन को मुद्दा बनाते दिखाई दिए तो कभी पीएम मोदी पर सवालों की बौछार करते हुए दिखाई दिए। सोमनाथ मंदिर में गैर हिंदू रजिस्टर में किए गए राहुल गांधी के साइन से पूरी कांग्रेस ही बैकफुट पर दिखाई दी। इसके जवाब में कांग्रेस को राहुल गांधी की जनेऊ वाली तस्वीरें जारी करनी पड़ गईं।

मंदिर से पाकिस्‍तान तक का मुद्दा उठा

इस पूरे प्रचार में कभी राहुल गांधी के धर्म को लेकर तो कभी उनके मंदिर जाने को लेकर भी खूब सवाल उठाए गए। वहीं कांग्रेस की तरफ से विकास पागल हो गया का जुम्‍ला भी सुनाई दिया। यहां तक की प्रचार खत्‍म होने से पहले कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा पीएम मोदी को नीच कह दिया गया, जिसने प्रचार को नई गरमाहट और मुद्दा तक दे डाला। इनके अलावा भाजपा की तरफ से चुनाव में पाकिस्‍तान का मुद्दा भी सुनाई दिया। हालांकि पाकिस्तान ने भी गुजरात चुनाव में खुद को घसीटने जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पाकिस्तान को नसीहत दी कि वह भारतीयों के बारे में लोकतंत्र की सीख न दे। पीएम मोदी की तरफ ये तक कहा गया कि एक बैठक के दौरान उन्‍हें नीच कहने की योजना बनाई गई और अमल किया गया।

पीएम पर अपशब्‍द मंजूर नहीं

हालांकि प्रचार के अंतिम दिन राहुल गांधी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस पर मामले पर सफाई दी और कहा कि इस तरह के अपशब्‍द किसी भी नेता के बर्दाश्‍त नहीं किए जा सकते हैं। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी जिस तरह की बात पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बारे में कहते हैं उन्‍हें भी बर्दाश्‍त नहीं किया जा सकता है। उन्‍होंने इस प्रेस वार्ता में यह भी कहा कि कांग्रेस ने पीएम मोदी से जिन प्रश्‍नों का जवाब मांगा उसका जवाब उन्‍हें कभी नहीं मिला। इस दौरान उन्‍होंने यह भी कहा कि भाजपा को अपनी हार का अंदाजा हो गया है इसलिए वह डर गई है।

कांग्रेस को उम्‍मीद

इस बार गुजरात चुनाव में कांग्रेस को पूरी उम्‍मीद है कि ने जिन अहम वादों को उन्‍होंने जनता से किया है उसका उन्‍हें फायदा जरूर मिलेगा। हालांकि कुछ जगहों पर कांग्रेस भाजपा को सीधी कड़ी टक्‍कर देती हुई दिखाई भी दे रही है। कांग्रेस की तरफ से इस चुनाव में आयोग तक पर आरोप लगाया गया। इस बार कांग्रेस ने सोशल मीडिया के जरिए भी अपने प्रचार को आगे बढ़ाया।

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