नई दिल्ली [वी.के.शुक्ला]। विदेश दौरों को लेकर दिल्ली की आप सरकार की केंद्र की भाजपा सरकार से शुरू से ही शिकायत रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद अब तक केवल दो बार विदेश दौरे पर केजरीवाल गए हैं। सितंबर 2016 में तत्कालीन उपराज्यपाल नजीब जंग ने डेढ़ साल पुरानी आप सरकार के मंत्रियों, निजी स्टाफ और अन्य अधिकारियों की ओर से किए गए विदेश दौरों का ब्योरा मांगा था।

उन्होंने उस समय यात्रा का कारण, किस देश की यात्रा की गई, यात्रा की अवधि और किस श्रेणी के तहत यात्रा की गई की जानकारी मांगी थी। उस समय कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन ने वेटिकन सिटी का दौरा किया था।

विदेश दौरों को लेकर आप सरकार की केंद्र से शुरू से रही है शिकायत

दिल्ली में सरकार बनने के बाद केजरीवाल का वह पहला विदेश दौरा था। केजरीवाल वहां 4 सितंबर 2016 को मदर टेरेसा को संत घोषित किए जाने वाले कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। उस समय उपराज्यपाल के निर्देश को लेकर सरकार के मंत्री नाराज हुए थे।

अनौपचारिक तौर पर उस समय यह भी कहा जा रहा था कि कुछ गड़बड़ी मिलती है तो दौरा करने वाले मंत्रियों से दौरे की राशि वसूली जाएगी। हालांकि बाद में ऐसा कुछ नहीं हुआ और न ही कोई गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद में केजरीवाल सितंबर 2018 में तीन दिनों की विदेश यात्र पर दक्षिण कोरिया गए थे। वहां पर सियोल मेट्रोपॉलिटन गवर्नमेंट के साथ ट्विन सिटी एग्रीमेंट साइन किए थे।

संजय सिंह ने की केंद्र की आलोचना

उधर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को डेनमार्क जाने की अनुमति नहीं मिलने पर आम आदमी पार्टी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। (आप) से राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा है कि मैं यह समझ नहीं पा रहा हूं कि मोदी सरकार क्यों हमारे साथ ऐसा अन्यायपूर्ण व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा है कि सीएम केजरीवाल छुट्टी मनाने के लिए डेनमार्क नहीं जा रहे थे। एशिया के 100 शहरों के मेयरों से प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई के लड़ने के तरीकों के विषय में चर्चा करने जा रहे थे।

भेदभाव करने का आरोप

संजय सिंह ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि मुख्यमंत्रियों के कितने आधिकारिक दौरे आज तक रद किए गए हैं? हमने सवा महीने पहले आवेदन किया था, लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी। जबकि पश्चिम बंगाल सरकार के शहरी विकास मंत्री फरहाद हाकिम ने विदेश जाने के लिए सप्ताह भर पहले आवेदन किया और उन्हें अनुमति मिल गई। उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के नेतृत्व में चल रही दिल्ली सरकार के साथ भेदभाव किया जा रहा है। आप सरकार जनता के हित में कार्य कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार उसकी योजनाओं में अड़ंगा लगा रही है।

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Posted By: Mangal Yadav

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