नोएडा (ललित विजय)। यह 22 वर्षीय सौरभ की कहानी है, जिसने 17 वर्षीय प्रेमिका को पाने के लिए अपने हत्या की कहानी गढ़ दी। फिर प्रेमिका को लेकर गुड़गांव भाग गया। सौरभ का प्लान सफल हो जाता, लेकिन उसके पिता रूप सिंह ने हत्या का आरोप लड़की के घर वालों पर लगा दिया।

20 साल में शादी, 22 में विधवा और 23 में पहुंच गई कोठे पर

पुलिस ने लड़की के घर वालों से पूछताछ की, जिसमें पता चला कि लड़की भी गायब है। पुलिस ने सर्विलांस से जांच की,जिसमें पता चला कि सौरभ का मोबाइल चल रहा है। इसी आधार पर जांच हुई तो सौरभ और उसकी प्रेमिका बरामद हो गई। अब सौरभ के खिलाफ उसकी प्रेमिका के घर वालों ने अपहरण का मामला दर्ज कराया है।

प्यार के लिए झूठी कहानी गढ़ने वाले सौरभ को प्रेमिका तो नहीं मिली, जेल की हवा जरूर खानी पड़ी। सौरभ घर वालों के साथ छिजारसी कॉलोनी में रहता है। इसी कॉलोनी में रहने वाली 17 वर्षीय लड़की से उसे प्यार हो गया। प्यार की भनक दोनों के घर वालों को लग गई।

सौरभ ने लड़की से शादी की इच्छा जताई। दोनों के घर वाले तैयार नहीं हुए। इसके बाद सौरभ ने एक खौफनाक कहानी रची। वह 2 मई को गायब हो गया। साथ ही अपने दोस्त से पिता रूप सिंह को मैसेज कराया कि किसी विवाद में सौरभ की हत्या हो गई है।

रूप सिंह यह सुनकर परेशान हो गया। वह 2 मई को ही कोतवाली फेज तीन पहुंचे और बेटे सौरभ के लापता होने और हत्या होने की जानकारी दी। पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट तो नहीं दर्ज की लेकिन गुमशुदगी दर्ज कर ली। पुलिस दो-तीन दिन सौरभ को तलाश करती रही। साथ ही रूप सिंह से भी विस्तार से बातचीत की।

रूप ने पुलिस को बताया कि सौरभ का एक लड़की से प्रेम संबंध था। हो सकता है लड़की के घर वालों ने हत्या को अंजाम दिया है। पुलिस ने 7 मई को लड़की के घर वालों को कोतवाली फेज तीन बुलाया। लड़की के घर वालों से पुलिस की बातचीत के बाद सौरभ हत्या की कहानी सुलझने की बजाए उलझ गई।

लड़की के घर वालों ने पुलिस को बताया कि लड़की भी 4 मई से गायब है। इससे पुलिस की परेशानी और बढ़ गई। उसे किसी और अनहोनी का भी शक जताने लगा।

डीजीपी से मिलकर शिकायत करने पहुंचा था रूप सिंह

उधर, रूप सिंह लगातार पुलिस पर बेटे सौरभ की हत्या का मामला दर्ज करने का दबाव बना रहा था। पुलिस केस नहीं दर्ज कर रही थी। इससे नाराज होकर 9 मई को रूप सिंह सेक्टर 6 पहुंचा। जहां डीजीपी जावीद अहमद साइबर अपराध अन्वेषण केंद्र का उदघाटन करने आए थे। पुलिस ने रूप को देख लिया था। उसे चुपचाप कार्यक्रम स्थल से उठाकर घर पहुंचा दिया।

11 मई को चल गया सौरभ का मोबाइल

सौरभ का सुराग लगाने में जुटी पुलिस 11 मई को अचानक उछल गई। 11 मई को सौरभ का मोबाइल चल गया। जिसकी लोकेशन गुड़गांव में मिली। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच में जुट गई। 13 मई की रात पुलिस मोबाइल चलाने वाले तक पहुंच गई।

उसे पकड़कर कोतवाली फेज तीन लाया गया था, सभी हैरान था। मोबाइल चला रहा कोई और नहीं सौरभ ही थी। फिर सौरभ की निशानदेही पर उसकी प्रेमिका भी बरामद हो गई। सौरभ ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने प्रेमिका को पाने के लिए हत्या की झूठी कहानी रची थी। वह प्रेमिका को भी गुड़गांव बुला लिया था। जहां दोनों साथ रह रहे थे।

अब अपहरण के केस में जाएगा जेल

सौरभ की प्रेमिका के घर वालों ने उसके खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करा दिया है। पुलिस ने सौरभ को बरामद करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही लड़की का मेडिकल परीक्षण कराया।

अगर परीक्षण में शारीरिक संबंध बनाए जाने की पुष्टि हुई तो दुष्कर्म की धाराएं भी बढ़ जाएंगे। इंस्पेक्टर पंकज पंत का कहना है कि सौरभ के हत्या की झूठी कहानी ने पुलिस का बहुत समय और धन बर्बाद किया।

Posted By: JP Yadav

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