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पति ने बेटे के नाम कर दीं संपत्तियां, पत्नी की याचिका पर कोर्ट ने फिर सुनवाई के लिए भेजा केस

Published: Wed, 14 Oct 2026 12:12 PM (IST)

घरेलू हिंसा मामले में पति द्वारा बेटे के नाम संपत्ति करने पर कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। तीस हजारी ...और पढ़ें

घरेलू हिंसा के मामले में पति द्वारा संपत्तियां बेटे के नाम करने के मामले में कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। प्रतीकात्मक तस्वीर

घरेलू हिंसा के मामले में पति द्वारा संपत्तियां बेटे के नाम करने के मामले में कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. सत्र न्यायालय ने निचली अदालत का आदेश आंशिक रूप से रद्द किया।

  2. होटल गंगा अशोक और कृषि भूमि पर रोक की पुनः सुनवाई होगी।

  3. संयुक्त स्वामित्व और पत्नी के योगदान पर विचार नहीं हुआ था।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। घरेलू हिंसा के मामले में पति द्वारा संपत्तियां बेटे के नाम करने के मामले में कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिल्पी जैन ने विमला देवी की अपील पर ट्रायल कोर्ट के आदेश को आंशिक रूप से रद कर दिया। साथ ही, ऋषिकेश स्थित होटल गंगा अशोक और उत्तर प्रदेश की कुछ कृषि भूमि पर रोक लगाने की मांग पर दोबारा सुनवाई करने का निर्देश दिया।

मुकदमे के दौरान सम्पत्ति बेचने का मामला 

सत्र अदालत ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने संपत्तियों के संयुक्त स्वामित्व और होटल खरीदने में विमला देवी के योगदान से जुड़े दावों पर ठीक से विचार नहीं किया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला बेटे से भरण-पोषण मांगने का नहीं, बल्कि मुकदमे के दौरान संपत्तियों को बेचे जाने से रोकने का है।

वैवाहिक घर भी तीसरे पक्ष को बेचा

अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह संबंधित संपत्तियों के स्वामित्व और विमला देवी के दावों पर विचार कर अंतरिम रोक की मांग पर नए सिरे से फैसला करे। विमला देवी ने अपने पति जवाहरलाल शुक्ला और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के बाद पति ने कई संपत्तियां अपने बेटे अशोक शुक्ला के नाम कर दीं। इसके बाद वैवाहिक घर भी तीसरे पक्ष को बेच दिया गया।

कृषि भूमि मामले में राहत से इनकार

मजिस्ट्रेट अदालत ने 29 जून को कुछ कृषि भूमि बेचने पर रोक लगा दी थी, लेकिन होटल गंगा अशोक और कुछ अन्य कृषि भूमि के मामले में राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ विमला देवी ने सत्र अदालत में अपील की। अपील में कहा गया कि कुछ कृषि भूमि पति और बेटे के संयुक्त स्वामित्व में है। वहीं, ऋषिकेश स्थित होटल खरीदने में विमला देवी के पैसों का इस्तेमाल किया गया था।

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