उत्तम नगर कांड में तरुण के पिता ने 'योगी मॉडल' जैसा मांगा इंसाफ, दिल्ली की CM से की त्वरित कार्रवाई व CBI जांच की मांग
उत्तम नगर हत्याकांड में मृतक तरुण के पिता मेमराज ने दिल्ली सरकार से 'योगी मॉडल' जैसी त्वरित न्याय और सीबीआई ...और पढ़ें

मूली बात शुरू हुुए विवाद में आगजनी और हत्या तक पहुंच गया परिणाम। पीटीआई

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। उत्तम नगर में होली के दिन हुए तरुण हत्याकांड के बाद मृतक के पिता मेमराज ने दिल्ली सरकार से योगी माडल की तरह त्वरित इंसाफ की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में अपराध के मामलों में तुरंत कार्रवाई और सख्त कदम उठाए जाते हैं, वैसा ही न्याय दिल्ली में भी मिलना चाहिए। साथ ही पीड़ित परिवार ने इस पूरी घटना को साधारण झगड़ा मानने से इनकार करते हुए इसीक सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह घटना इलाके में दंगा भड़काने की साज़िश का हिस्सा है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री से अपील की
तरुण के पिता ने कहा कि उनके बेटे की हत्या कोई अचानक हुआ झगड़ा नहीं बल्कि पहले से रची गई सोची-समझी साज़िश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के दौरान करीब 15 से 20 लोग मौजूद थे, लेकिन पुलिस अब तक सिर्फ छह आरोपितों को ही गिरफ्तार कर पाई है। उन्होंने कहा कि वह एक गरीब परिवार से हैं। घरों में रंगाई पोताई करते अपने परिवार को मेहनत से पाला है। वह अपने बेटे के लिए न्याय चाहते हैं। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री से अपील की कि मामले में सख्त कार्रवाई कर सभी आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कराया जाए।
हमले की पहले से थी पूरी तैयारी
पीड़ित पिता का आरोप है कि इलाके में कपड़ों की रंगाई का काम करने वाली एक महिला इस पूरे हत्याकांड की मुख्य साज़िशकर्ता है। उनके मुताबिक उसी महिला ने पहले विवाद की शुरुआत की और बाद में कई लोगों को बुलाकर घटना को अंजाम दिलवाया। उन्होंने कहा कि यह भी संयोग नहीं है कि घटना होली के दिन हुई। उनके अनुसार, होली जैसे मौके को इसलिए चुना गया क्योंकि ऐसे दिन थोड़े समय में ही बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो सकते हैं। उनका कहना है कि इतनी जल्दी भीड़ का जुटना तभी संभव है जब पहले से इसकी तैयारी की गई हो।
कर रहा था डिजीटल मार्केटिंग का कोर्स
तरुण के पिता ने यह भी कहा कि जिस महिला और उसके परिवार का काम ही कपड़ों की रंगाई का है और जो हर समय रंगों के बीच रहते हैं। उनके घरों में कपड़ों की रंगाई की ही अवैध फैक्ट्रिया बनी हुई है, वही लोग होली के पानी के छींटे पड़ने को लेकर इतना विवाद खड़ा कर रहे थे कि मरने-मारने पर उतारू हो गए। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को इस झगड़े की कोई जानकारी तक नहीं थी।
तरुण होली के दिन अपने दोस्तों के साथ रंग खेलने गया था और देर रात घर लौटा। उस समय उसे इलाके में चल रहे विवाद या तनाव के बारे में कुछ पता नहीं था, लेकिन इसी दौरान उसे निशाना बना लिया गया। वह बहुत शांत और सामान्य रहता था। डिजीटल मार्केटिंग का कोर्स कर रहा था और जल्द ही उसकी नौकरी लगने वाली थी।
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