उत्तम नगर हत्याकांड: होली विवाद में मारे गए तरुण के नाम पर 2 दिन में जुटाए 37 लाख, पुलिस ने खाता किया फ्रीज
उत्तम नगर में होली पर तरुण की हत्या के बाद, कुछ लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक वीडियो और जानकारी ...और पढ़ें

उत्तम नगर इलाके में होली के दिन गुब्बारा फेंकने के विवाद में हुई युवक तरुण की हत्या ने जहां एक परिवार से उसका जवान सहारा छीन लिया था।

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जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। उत्तम नगर इलाके में होली के दिन गुब्बारा फेंकने के विवाद में हुई युवक तरुण की हत्या ने जहां एक परिवार से उसका जवान सहारा छीन लिया। वहीं, कुछ शातिरों ने इस दर्दनाक घटना को भी अवैध कमाई का जरिया बनाने की कोशिश की।
इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय ऐसे लोगों ने मार्मिक वीडियो और भ्रामक जानकारी के सहारे लोगों से आर्थिक मदद के नाम पर फर्जी चंदा जुटाना शुरू कर दिया। पुलिस जांच में इस पूरे खेल का पर्दाफाश होने के बाद द्वारका जिला पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध बैंक खाते को फ्रीज कर दिया है, जिसमें महज दो दिनों के भीतर करीब 37 लाख रुपये जमा हो गए थे।
भड़काऊ व गलत जानकारी प्रसारित कर रहे
उपायुक्त द्वारका कुशल पाल सिंह ने बताया कि घटना के बाद इंटरनेट मीडिया प्लेटफाॅर्म पर लगातार ऐसे वीडियो और पोस्ट साझा किए जा रहे थे, जिनमें भ्रामक और उकसाने वाली जानकारी दी जा रही थी। इससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी और माहौल बिगड़ने की आशंका भी जताई जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इंटरनेट मीडिया पर फैल रही गतिविधियों की निगरानी शुरू की और ऐसे अकाउंट्स की पहचान की, जो भड़काऊ व गलत जानकारी प्रसारित कर रहे थे।
लोगों की पहचान करने में भी जुटी
द्वारका जिला पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स को 14 कंटेंट हटाने के लिए अनुरोध भेजे हैं, जबकि इंस्टाग्राम को आठ ऐसे पोस्ट और वीडियो हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इन पोस्टों में उत्तम नगर की घटना को लेकर भ्रामक और भड़काऊ सामग्री साझा की जा रही थी, जिससे सार्वजनिक शांति प्रभावित होने की आशंका थी। पुलिस इन अकाउंट्स को संचालित करने वाले लोगों की पहचान करने में भी जुटी है।
दो दिन में 37 लाख रुपये जुटाने का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इंटरनेट मीडिया पर एक मार्मिक वीडियो पोस्ट कर लोगों से आर्थिक मदद की अपील की गई थी। वीडियो के साथ एक क्यूआर कोड भी साझा किया गया था, जिसके माध्यम से लोगों से पैसे भेजने के लिए कहा गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि यह वीडियो 10 मार्च को पोस्ट किया गया था और महज दो दिनों के भीतर ही संबंधित बैंक खाते में करीब 37 लाख रुपये जमा हो गए।
संभावित धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए द्वारका जिला पुलिस ने तुरंत संबंधित बैंक शाखा के प्रबंधक से संपर्क कर खाते की सभी क्रेडिट और डेबिट सुविधाओं को बंद करा दिया और जमा पूरी राशि को फ्रीज कर दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह बैंक खाता किस व्यक्ति के नाम पर है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
भड़काऊ पोस्ट करने वाले 22 अकाउंट चिन्हित
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर 14 और इंस्टाग्राम पर आठ ऐसे अकाउंट चिन्हित किए गए हैं, जिनसे लगातार भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट किए जा रहे थे। इन सभी अकाउंट्स की जानकारी संबंधित कंपनियों को भेज दी गई है और आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। द्वारका जिला के पुलिस उपायुक्त ने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर असत्यापित या झूठी जानकारी फैलाना कानून के तहत दंडनीय अपराध है।
अवैध रूप से धन जुटाने की कोशिश
ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी घटना से जुड़ी जानकारी इंटरनेट मीडिया पर साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें और भ्रामक संदेशों से सावधान रहें। साथ ही पुलिस उन सभी खातों और गतिविधियों पर नजर रख रही है, जो झूठे नरेटिव के जरिए सार्वजनिक शांति प्रभावित करने या लोगों से अवैध रूप से धन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
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