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स्वच्छ हवा, सुरक्षित सड़क, बेहतर परिवहन... 2047 के शहरों के लिए विशेषज्ञों ने बताया एकीकृत प्लान

Published: Tue, 06 Oct 2026 05:57 AM (IST)

इंडिया हैबिटेट सेंटर में अर्बन अड्डा 2026 सम्मेलन में विशेषज्ञों ने शहरों की बढ़ती समस्याओं जैसे स्वच्छ हवा, सुरक्षित सड़क ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. शहरों की समस्याओं हेतु एकीकृत नीति बनाने की आवश्यकता।

  2. प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्षेत्रीय स्तर पर कार्रवाई जरूरी।

  3. इलेक्ट्रिक वाहन ऊर्जा बचत और कम लागत प्रदान करते हैं।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। तेजी से बढ़ते शहरों में स्वच्छ हवा, सुरक्षित सड़क, बेहतर सार्वजनिक परिवहन और जल सुरक्षा के लिए अलग-अलग विभागों में बंटी व्यवस्था के बजाय एकीकृत नीति बनाने की जरूरत है।

इंडिया हैबिटेट सेंटर में शुरू हुए तीन दिवसीय अर्बन अड्डा 2026 में विशेषज्ञों ने कहा कि अगले दशक में लिए जाने वाले फैसले वर्ष 2047 के शहरों की दिशा तय करेंगे।

सम्मेलन में पूर्व जी-20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने स्वच्छ परिवहन को तेजी से बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत बड़े पैमाने पर वाहनों का विद्युतीकरण कर सकता है, लेकिन इसके लिए मजबूत नियामकीय ढांचे और राज्यों के बीच लगातार संस्थागत तालमेल जरूरी है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पूरे एयरशेड में क्षेत्रीय स्तर पर कार्रवाई की जरूरत बताई। उनके अनुसार, प्रशासनिक सीमाओं से अलग उच्च घनत्व वाले परिवहन गलियारों की पहचान, स्वच्छ वाहनों के बेड़े में बदलाव और वास्तविक समय निगरानी को एक साथ लागू करना होगा।

बच्चों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी एजेंडे में

इंटरनेशनल काउंसिल आन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (आइसीसीटी) के भारत प्रबंध निदेशक अमित भट्ट ने कहा कि अगले दशक में समान सार्वजनिक स्थान और मानव-केंद्रित परिवहन की दिशा तय होगी।

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वहीं, राहगीरी फाउंडेशन की सह-संस्थापक और नागारो की निदेशक सारिका पांडा भट्ट ने स्कूल क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने और सड़कों को सभी उपयोगकर्ताओं के लिए अनुकूल बनाने पर जोर दिया। क्रिकेट विश्व कप विजेता और युवा आइकन सुरेश रैना ने शहरों को स्वस्थ बनाने को नागरिकों की साझा जिम्मेदारी बताया।

विरासत शहरों से जल सुरक्षा तक समाधान

सम्मेलन में विरासत शहरों में कम-उत्सर्जन क्षेत्र बनाने, गुरुग्राम में स्कूली बच्चों पर सड़क परिवहन प्रदूषण के स्वास्थ्य प्रभाव और जल-सुरक्षित शहरों की कार्ययोजना से जुड़ी रिपोर्ट जारी की गई।

भोंडसी, गुरुग्राम स्थित बीएसएफ परिसर को वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट जल उपचार और भूजल पुनर्भरण के जरिए जल-तटस्थ परिसर के उदाहरण के रूप में पेश किया गया।

इलेक्ट्रिक बस और कचरा ट्रक से बड़ी बचत

आइसीसीटी और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के अध्ययन के मुताबिक इलेक्ट्रिक बसें प्रति किमी 54 प्रतिशत कम ऊर्जा, जबकि इलेक्ट्रिक कचरा संग्रह ट्रक डीजल वाहनों की तुलना में 91 प्रतिशत कम ऊर्जा इस्तेमाल करते हैं। दोनों मामलों में कुल स्वामित्व लागत भी इलेक्ट्रिक वाहनों के पक्ष में पाई गई।

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