दिल्ली में अब कॉलेज तक सीमित नहीं रहेगी छात्राओं की सुरक्षा, मेट्रो-बस स्टाप से लेकर PG तक होगी निगरानी
दिल्ली के उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालयों और कालेजों में छात्र-छात्राओं, खासकर छात्राओं की सुरक्षा को कैंपस की चहारदीवारी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।

महिला सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक लेते एलजी तरनजीत सिंह संधू। सौजन्य- लोकनिवास
HighLights
छात्रों की सुरक्षा अब कैंपस के बाहर भी सुनिश्चित की जाएगी।
अंधेरे रास्तों पर पुलिस गश्त और सीसीटीवी बढ़ाए जाएंगे।
पीजी आवासों का सत्यापन और शिकायत निवारण निकाय बनेंगे।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली के विश्वविद्यालयों और कालेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं, खासकर छात्राओं की सुरक्षा अब केवल परिसर की चहारदीवारी तक सीमित नहीं रहेगी।
एलजी तरनजीत सिंह संधू ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, दिल्ली पुलिस, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, डीडीए, शिक्षा व परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि कैंपस तक पहुंचने वाले रास्ते, बस स्टाप, मेट्रो स्टेशन, ई-रिक्शा व आटो स्टैंड और छात्राओं के आने- जाने वाले अन्य स्थान भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगे।
बैठक में विश्वविद्यालयों ने अंधेरे और सुनसान रास्तों, खराब स्ट्रीट लाइट, काम नहीं कर रहे सीसीटीवी, यातायात जाम, पार्किंग, सुरक्षा कर्मियों की कमी, शराब की दुकानों, ई-रिक्शा, खुले मूत्रालय और डीडीए पार्कों व खाली भूखंडों में बढ़ी वनस्पति जैसी समस्याएं सामने रखीं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए विभिन्न एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
एलजी ने दिल्ली पुलिस को पैदल, मोटरसाइकिल और पीसीआर गश्त बढ़ाने तथा संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां महिला पुलिस कर्मियों की दृश्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
डीसीपी, एसीपी, थाना प्रभारी और बीट अधिकारियों को विश्वविद्यालयों के प्राचार्यों व छात्रावास प्रभारियों के साथ नियमित संवाद करने और पीछा करने, छेड़छाड़ और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कालेज जाने वाले रास्तों पर भी सीसीटीवी और रोशनी
पीडब्ल्यूडी, डीडीए और एमसीडी को खराब स्ट्रीट लाइट तत्काल ठीक करने और सभी चिन्हित अंधेरे स्थानों को रोशन करने के निर्देश दिए गए हैं। कालेजों तक पहुंचने वाली सड़कों पर सीसीटीवी लगाने, अवैध कब्जे और अतिक्रमण हटाने तथा पार्कों के आसपास सुरक्षा संबंधी खतरों को दूर करने को कहा गया है।
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खुले मूत्रालय और अनियंत्रित रेहड़ी-पटरी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
मेट्रो से कालेज तक कनेक्टिविटी होगी मजबूत
छात्रों की अंतिम छोर तक पहुंच आसान बनाने के लिए यू-स्पेशल और लेडीज स्पेशल बसों की संख्या और आवृत्ति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मेट्रो स्टेशनों से कालेजों तक चलने वाली बसों की सेवा खासकर सुबह आठ से 11 बजे और शाम पांच से आठ बजे के बीच बढ़ाने को कहा गया है।
आटो और बैटरी रिक्शा के नियमन के साथ मेट्रो सारथी, वन दिल्ली और दुर्गा योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
हर विश्वविद्यालय में बनेगी ‘एक्शन बाडी’
छात्रों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विश्वविद्यालयों को ‘एक्शन बाडी’ बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें डीन, शिक्षक, छात्र और छात्रावास के वार्डन शामिल होंगे। छात्रों को फोटो या वीडियो के साथ शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और विश्वविद्यालयों को नियमित रूप से छात्रों से फीडबैक लेने को कहा गया है।
पीजी मकानों का भी होगा सत्यापन
छात्रावासों की सीमित उपलब्धता को देखते हुए एलजी ने विश्वविद्यालयों से अपने आसपास छात्र-छात्राओं के लिए इस्तेमाल हो रहे पीजी आवासों और मकानों का पंजीकरण कराने तथा दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर उनका सत्यापन करने को कहा।
इससे कालेज परिसरों से बाहर रहने वाले छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को भी निगरानी के दायरे में लाने की कोशिश होगी।
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