‘ऐ मूर्ख अपनी नजर सुधार’, महिला सुरक्षा और समानता को लेकर छात्राओं ने किया प्रदर्शन
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिला सुरक्षा और समानता की मांग को लेकर दयाल सिंह कॉलेज के बाहर छात्राओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने पर जोर दिया।

महिला सुरक्षा को लेकर छात्राओं ने किया प्रदर्शन
HighLights
दयाल सिंह कॉलेज के बाहर छात्राओं ने महिला सुरक्षा पर प्रदर्शन किया।
'फियर टू फ्रीडम' जैसे संदेश वाले पोस्टर हाथों में थे।
सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने की मांग की।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में महिला सुरक्षा और समानता को लेकर प्रदर्शन और मार्च किए जा रहे हैं।
दिल्ली के अलग-अलग जगहों पर महिलाएं अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन कर रही हैं. इसी क्रम में दयाल सिंह कॉलेज के बाहर शनिवार को छात्राओं ने धरना प्रदर्शन किया।
पोस्टर के माध्यम से संदेश
दयाल सिंह कॉलेज के बाहर बैठी छात्राओं के हाथों में ‘वूमन मार्च फ्राम फियर टू फ्रिडम’, ‘नो मोर फियर, नो मोर साइलेंस’ और ‘नो मीन्स नो’, ‘तू बोलेगी, मुंह खोलेगी तभी तो जमाना बदलेगा’ और ‘ऐ मूर्ख अपनी नजर सुधार’ जैसे संदेश लिखे पोस्टर नजर आए।
हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर छात्राओं ने महिलाओं के प्रति भय और चुप्पी के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन में छात्राओं ने महिलाओं को डर के माहौल से बाहर निकालकर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देने की मांग की है।
मार्च निकालने की नही मिली इजाजत
आयोजकों ने बताया कि प्रदर्शन के साथ ही मार्च निकालने की भी तैयारी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण कालेज के बाहर ही बैठकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। छात्राओं ने बताया कि वे आने वाले समय में अन्य कालेजों में भी महिलाओं की सुरक्षा और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाएंगी।
सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाने पर दिया जोर
छात्राओं ने प्रदर्शन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश है कि महिलाएं उत्पीड़न के मामलों पर चुप नहीं रहेंगी और अपने अधिकारों व सुरक्षा को लेकर आवाज उठाती रहेंगी। उन्होंने कहा कि राजधानी के इलाकों में सुरक्षा बनाए रखने, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षित परिवहन और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की जरूरत है। सुरक्षा के नाम पर महिलाओं की आवाजाही सीमित करने के बजाय सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
