महिला सुरक्षा के फाइलों में दावे पूरे और जमीन पर सब अधूरे, आस्था कुंज पार्क में 12 दिन बाद भी लाइट न पहुंचा सकी MCD
दिल्ली में आस्था कुंज पार्क गैंगरेप के 12 दिन बाद भी सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था के दावे खोखले साबित हो ...और पढ़ें

आस्था कुंज पार्क में नर्सरी के पास वाले गेट पर तैनात गार्ड और गेट के बगल में ही छाया अंधेरा।
HighLights
आस्था कुंज पार्क में गैंगरेप के 12 दिन बाद भी अंधेरा बरकरार।
पुलिस और एमसीडी के सुरक्षा दावों की जमीनी हकीकत खोखली।
जहाँपनाह सिटी फॉरेस्ट और संजय झील पार्क में भी सुरक्षा खामियां।
मोहम्मद रईस/पारस कुमार, नई दिल्ली। राजधानी में आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग के साथ गैंगरेप का मामला अभी तूल पकड़ा हुआ है। दिल्ली पुलिस से लेकर नगर निगम तक सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था को डार्क स्पॉट की सूची तैयार करते हुए कड़े कदम उठाने के दावे कर रही है।
फिर भी शुक्रवार की रात जब 'दैनिक जागरण' की टीम ने वारदात वाले उसी पार्क में पहुंची तो सुरक्षा गार्ड की तैनाती तो दिखी लेकिन गेट के पास ही घुप्प अंधेरा छाया मिला। ऐसे में अन्य डार्क स्पॉट पर क्या क्रांतिकारी बदलाव किये गए हैं, यह सवालों में घेरे में आ जाता है। यह हाल तब है जब घिनौने वारदात को हुए आज पूरे 12 दिन हो चुके हैं।
पुलिस ने बढ़ाई गश्ती
21 दिसंबर की रात दिल्ली के कालकाजी मंदिर के समीप स्थित आस्था कुंज पार्क में तीन हैवानों ने एक नाबालिग से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस पर महिला सुरक्षा को दुरुस्त करने का दबाव बढ़ गया। उसके बाद से हर दिन पुलिस विभाग की ओर से तस्वीरें जारी कर बताया गया कि गश्ती बढ़ा दी गई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जमीन पर उतरकर हकीकत का जायजा लिया।

एमसीडी ने किया राजधानी में सुरक्षा सर्वे
उधर, दिल्ली को विकसित और सुव्यवस्थित बनाने का जिम्मा उठाने वाले एमसीडी ने भी राजधानी के उन डार्क स्पॉट की पहचान शुरू कर दी, जहां सुरक्षा में बाधा आ रही हो। प्रकाश की कमी हो या कुछ और समस्या, जिससे महिला सुरक्षा में दिक्कत आती हो। सूची बनाई भी गई।
96 हजार स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट एलईडी में बदलने का एलान
वहीं, दिल्ली सरकार ने राजधानी को डार्क स्पॉट मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया। करीब 96 हजार स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट एलईडी में बदलने का एलान किया। साथ ही, ऐसे डार्क स्पॉट वाले जगहों की रियल टाइम निगरानी, बेहतर रोशनी और महिलाओं की सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने के निर्देश दिये। फिर भी एमसीडी अब आस्था कुंज पार्क को पूरी तरह से रोशन नहीं कर सकी है, जहां से विवाद की शुरुआत हुई थी।

जहांपनाह सिटी फॉरेस्ट में घनी झाड़ियां
राजधानी के अन्य स्थलों का भी दैनिक जागरण की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया तो एमसीडी की तैयारियां फाइलों में दबी नजर आईं। इसी क्रम में जहांपनाह सिटी फॉरेस्ट के गेट नंबर पांच के रास्तों पर लाइट लगी है, पर इनके अगल बगल जाली टूटी है और अंदर घनी झाड़ियों के चलते पूरी तरह से प्रकाश की व्यवस्था नहीं हो सकी है।

संजय झील पार्क में लाइट कम, ग्रील भी गायब
उधर, त्रिलोकपुरी स्थित संजय झील पार्क में लाइटों की कमी के कारण जगह-जगह अंधेरा पसरा दिखा। पार्क की बाउंड्री वाॅल से कई जगह ग्रिल भी गायब मिलीं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुरक्षाकर्मी भी नजर नहीं आए। ऐसे में वारदात स्थल समेत तीन डार्क स्पॉट का स्थलीय निरीक्षण दावे और हकीकत के बीच सवाल उठा रहा है।
