विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली में पीजी में रहने वाले छात्रों के लिए बनेगा नया नियामक ढांचा, सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर

Published: Mon, 05 Oct 2026 10:27 PM (IST)

दिल्ली सरकार पेइंग गेस्ट (पीजी) में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए नया नियामक ढांचा तैयार ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार पेइंग गेस्ट (पीजी) में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए कर रही काम। (एआई जेनरेटेड इमेज)

दिल्ली सरकार पेइंग गेस्ट (पीजी) में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए कर रही काम। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. दिल्ली सरकार पीजी छात्रों की सुरक्षा हेतु नया ढांचा बना रही है।

  2. शिक्षा मंत्री ने पीजी संचालकों से समस्याओं और सुझावों पर बात की।

  3. छात्रों की सुरक्षा, उचित किराया, पंजीकरण पर समिति ने चर्चा की।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में पीजी (पेइंग गेस्ट) में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए दिल्ली सरकार नया नियामक ढांचा तैयार कर रही है। इसी कड़ी में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को पीजी संचालकों, मालिकों और प्रबंधकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।

सरकार का कहना है कि नए कानून का मसौदा तैयार करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से बातचीत की जा रही है, ताकि व्यवस्था व्यावहारिक और प्रभावी हो।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली में हर साल छह लाख से अधिक छात्र विभिन्न राज्यों और शहरों से पढ़ाई के लिए आते हैं। इनमें बड़ी संख्या पीजी में रहती है। ऐसे में छात्रों को सुरक्षित, भरोसेमंद और उचित दर पर आवास उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हाल में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद पीजी व्यवस्था को नियंत्रित करने और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की प्रक्रिया तेज की गई है।

मकान मालिकों के सत्यापन नहीं होने जैसी समस्याएं बताई 

इससे पहले आठ सितंबर को मंत्री ने विश्वविद्यालयों के आसपास पीजी में रहने वाले छात्रों से सीधे बातचीत की थी। इस दौरान छात्रों ने मनमाने बिजली शुल्क, अधिक किराया, सुरक्षा की कमी और मकान मालिकों के सत्यापन नहीं होने जैसी समस्याएं बताई थीं।

छात्रों से मिले सुझावों के बाद 15 सितंबर को 20 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की पहली बैठक हुई थी। समिति में पीजी के लिए मानक किराया अनुबंध, केंद्रीकृत ‘गोवपीजी’ पोर्टल के माध्यम से नगर निगम में अनिवार्य पंजीकरण, भवन और अग्नि सुरक्षा जांच तथा उचित किराया तय करने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

अब पीजी संचालकों के सुझावों को भी प्रस्तावित व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। सरकार आने वाले हफ्तों में छात्रों की सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखते हुए अंतिम नियम और दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी में है।

यह भी पढ़ें- भारत-ब्रिटेन मिलकर बनाएंगे ग्रीन कोल्ड चेन नेटवर्क, अब खेतों में नहीं सड़ेगी 1.53 लाख करोड़ की फल-सब्जियां