दिल्ली में बेमौसम बारिश से प्रदूषण घटा, लेकिन किसानों की बढ़ी मुसीबत; सरसों की फसल बर्बाद
दिल्ली के नजफगढ़ में बेमौसम तेज वर्षा ने सरसों किसानों की हाल ही में बोई गई फसलें बर्बाद कर दी हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
तेज वर्षा से नजफगढ़ के सरसों किसानों को भारी नुकसान।
खेतों में पानी भरने से सरसों के बीज अंकुरित नहीं होंगे।
किसानों के पास दोबारा बुवाई या गेहूं का एकमात्र विकल्प।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। सोमवार तड़के हुई तेज वर्षा ने एक तरफ जहां लोगों को गर्मी व प्रदूषण से राहत दी, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के कृषि क्षेत्रों, खासकर नजफगढ़ के किसानों के लिए यह वर्षा भारी मुसीबत बनकर आई है। जिन किसानों ने हाल ही में सरसों की बुवाई की थी, उनकी पूरी मेहनत पर वर्षा के पानी ने पानी फेर दिया है।
कृषि विज्ञानियों के अनुसार, खेतों में अचानक पानी भरने और मिट्टी पर परत जम जाने (पपड़ी जमने) के कारण अब बोए गए बीजों का अंकुरण होना लगभग असंभव हो गया है। ऐसे में प्रभावित किसानों के सामने अब केवल दो ही विकल्प बचे हैं। या तो वे पानी सूखने का इंतजार कर दोबारा सरसों की बुवाई करें, या फिर सरसों की जगह गेहूं की फसल का विकल्प चुनें।
नजफगढ़ के गांवों में संकट गहराया
गेहूं की फसल का विकल्प चुनना हर किसान के लिए संभव नहीं है। नजफगढ़ क्षेत्र में दर्जनों गांवों के किसानों के सामने पानी की भारी समस्या है। इस इलाके में मीठे और सिंचाई योग्य पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण यहां के किसान गेहूं की खेती नहीं कर पाते।
इनके पास सिर्फ सरसों की फसल उगाने का ही एकमात्र विकल्प रहता है। यही वजह है कि इस बेमौसम की वर्षा की सबसे भारी मार नजफगढ़ और आसपास के सरसों उत्पादक किसानों पर पड़ी है।
सब्जियों की खेती के लिए फायदेमंद
ऊजवा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानी डा राकेश कुमार का कहना है कि जहां यह वर्षा सरसों किसानों के लिए नुकसानदेह साबित हुई है, वहीं दूसरी ओर पहले से लगी हरी सब्जियों की फसलों के लिए यह वर्षा काफी फायदेमंद है। वर्षा से सब्जियों की फसलों को जरूरी नमी मिली है, जिससे उनके उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार होगा।
