उत्तम नगर में अवैध रूप से रह रहीं थी युगांडा की दो महिलाएं, नहीं दिखा सकीं वीजा-पासपोर्ट; डिटेंशन सेंटर भेजा
उत्तम नगर पुलिस ने द्वारका जिले में अवैध रूप से रह रहीं युगांडा की दो महिलाओं को बिना वैध वीजा-पासपोर्ट ...और पढ़ें

युगांडा की दो महिलाएं गिरफ्तार। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
उत्तम नगर में दो युगांडा की महिलाएं अवैध रूप से गिरफ्तार।
बिना वैध दस्तावेज के रहने पर पुलिस ने की कार्रवाई।
डिटेंशन सेंटर भेजकर देश वापसी की प्रक्रिया शुरू।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। द्वारका जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उत्तम नगर पुलिस ने इलाके में बिना किसी वैध वीजा या पासपोर्ट के रह रहीं युगांडा के दो नागरिकों को हिरासत में लिया है।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह के निर्देश पर और एसीपी डाबड़ी की देखरेख में उत्तम नगर थाने की विशेष टीम ने यह कार्रवाई की।
सब-इंस्पेक्टर जानी कुमार, हेड कांस्टेबल विनोद और महिला हेड कांस्टेबल सुनीता की टीम ने तकनीकी निगरानी की मदद से डोरिन अंपुरिरे और गोरेट एडोंग नाम की दो महिलाओं को पकड़ा। पूछताछ के दौरान दोनों महिलाएं भारत में अपने प्रवास से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहीं।
देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू
दस्तावेज न मिलने पर पुलिस ने नियमानुसार दोनों को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के समक्ष पेश किया। दस्तावेजों की जांच पूरी करने के बाद दोनों आरोपितों को सराय रोहिल्ला, शहजादा बाग स्थित ''सेवा सदन'' डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है, जहां से उन्हें उनके देश वापस भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बता दें कि द्वारका जिला पुलिस लगातार अभियान चलाकर बिना दस्तावेजों के रह रहे विदेशियों पर शिकंजा कस रही है। इससे पहले भी उत्तम नगर के ओम विहार से चार विदेशी नागरिकों को बिना वैध दस्तावेजों के पकड़ा गया था।
वहीं, हाल ही में वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी रह रहे नाइजीरियाई के दो नागरिकों को भी हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर भेजा जा चुका है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इलाके में बिना पुलिस वेरिफिकेशन के विदेशी नागरिकों को मकान किराए पर देने वाले मकान मालिकों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तम नगर व आसपास में क्यों रहते हैं अवैध रूप से विदेशी नागरिक
उत्तम नगर क्षेत्र में विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से रहने के मुख्य कारण सस्ता किराया और घनी आबादी हैं। संकरी गलियों वाली अनियोजित कालोनियों में पहचान छिपाना आसान होता है। कई मकान मालिक अधिक किराए के लालच में बिना वीजा/पासपोर्ट जांचे और बिना पुलिस वेरिफिकेशन के कमरे दे देते हैं।
इसके अलावा, कई लोग मेडिकल, टूरिस्ट या स्टूडेंट वीजा पर भारत आते हैं और अवधि समाप्त होने के बाद भी वापस नहीं लौटते। पहले से रह रहे लोगों का नेटवर्क, स्थानीय बिचौलियों की मदद और वापसी के लिए बजट न होना भी एक बड़ा कारण है।
