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जेल से छूटे विदेशी नागरिकों की होगी देश वापसी, बिहार-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Published: Thu, 27 Aug 2026 07:00 AM (IST)

नेपाल सीमा से अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें ...और पढ़ें

जेल से छूटने के बाद शुरू होगी पुशबैक की प्रक्रिया

जेल से छूटने के बाद शुरू होगी पुशबैक की प्रक्रिया

HighLights

  1. जेल के बाद अवैध विदेशी नागरिकों की होगी देश वापसी।

  2. फर्जी दस्तावेजों से दोबारा घुसपैठ रोकने पर विशेष जोर।

  3. बिहार-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां अत्यधिक सतर्क।

राज्य ब्यूरो, पटना। नेपाल सीमा से अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करते पकड़े जाने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ अब कार्रवाई और सख्त होगी। ऐसे नागरिकों को केवल जेल भेजने तक मामला सीमित नहीं रहेगा। सजा पूरी कर जेल से बाहर आने के बाद उन्हें पुशबैक की प्रक्रिया के तहत उनके देश वापस भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी।

जेल से छूटने के बाद शुरू होगी पुशबैक की प्रक्रिया

भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दों पर हुई समीक्षा बैठक में सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों और सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से भारत सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार विदेशी नागरिकों की देश वापसी की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामलों की जांच केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रखी जाए, बल्कि विदेशी नागरिक की पहचान और उसके दस्तावेजों की गहराई से पड़ताल की जाए।

फर्जी कागजात बनाकर दोबारा घुसने का खतरा

समीक्षा बैठक में सामने आया कि अवैध घुसपैठ के आरोप में पकड़े गए कुछ विदेशी नागरिक जेल से छूटने के बाद फर्जी दस्तावेज बनाकर दोबारा भारत में प्रवेश की कोशिश कर सकते हैं।

डीजीपी ने सीतामढ़ी में पकड़े गए एक विदेशी नागरिक का उदाहरण भी दिया, जिसे दोबारा फर्जी कागजात के साथ पकड़ा गया था।

सीमावर्ती जिलों के एसपी को ऐसे मामलों में विशेष सतर्कता बरतने और जेल से रिहा विदेशी नागरिकों की देश वापसी की प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दिया गया है।

735 किमी सीमा पर 194 एसएसबी पोस्ट और 70 थाने

बिहार से भारत-नेपाल की करीब 735 किलोमीटर लंबी सीमा गुजरती है। सीमा सुरक्षा के लिए यहां 194 एसएसबी पोस्ट और 70 सक्रिय पुलिस स्टेशन कार्यरत हैं। पिछले दो वर्षों में अवैध घुसपैठ के मामलों में करीब 80 विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

इनमें बांग्लादेश, यूक्रेन, सूडान, म्यांमार, चीन और उज्बेकिस्तान समेत कई देशों के नागरिक शामिल हैं। इसी महीने अररिया से दो बांग्लादेशी और पश्चिमी चंपारण के घोड़ासहन से एक सोमालियाई नागरिक को पकड़े जाने का मामला भी सामने आया है।

ई-कॉमर्स से विस्फोटक सामग्री मंगाने पर भी अलर्ट

बैठक में पूर्वी चंपारण में ई-कॉमर्स के माध्यम से विस्फोटक सामग्री मंगाए जाने के एक मामले का उल्लेख करते हुए सीमावर्ती जिलों की पुलिस को सतर्क किया गया। डीजीपी ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की सूचना जांच पूरी होने का इंतजार किए बिना गृह मंत्रालय को भेजी जाए।

फर्जी आधार कार्ड के जरिए साइबर अपराध करने वालों और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ भी समयबद्ध कार्रवाई कर जल्द ट्रायल शुरू कराने पर जोर दिया गया।

जाली मुद्रा और सीमा से सटे बैंकों पर भी रहेगी नजर

नेपाल सीमा से 15 किलोमीटर तक सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सीमा क्षेत्र में जाली भारतीय मुद्रा की सघन जांच और आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी का टास्क दिया गया है।

इससे जुड़े मामलों की सूची आर्थिक अपराध इकाई के साथ साझा की जाएगी। सीमावर्ती जिलों के डीएम और एसपी को नेपाल से सटे इलाकों के बैंकों में नोट सॉर्टिंग मशीन की व्यवस्था और उनकी नियमित भौतिक जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।