विदेशी हथियार तस्करी सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई, शाहबाज अंसारी समेत आठ पर UAPA की मंजूरी
उपराज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर शाहबाज अंसारी और उसके सिंडिकेट के आठ सदस्यों पर यूएपीए के तहत मुकदमा चलाने की ...और पढ़ें

सिंडिकेट के आठ गुर्गों पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को यूएपीए के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।
HighLights
उपराज्यपाल ने शाहबाज अंसारी सहित आठ पर यूएपीए की मंजूरी दी।
सिंडिकेट बांग्लादेश से भारत में अवैध हथियारों की आपूर्ति करता था।
जांच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का कनेक्शन सामने आया।
राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। विदेशी अत्याधुनिक हथियारों के देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्कर शाहबाज अंसारी सहित इस सिंडिकेट के आठ गुर्गों पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।
शाहबाज अंसारी कई वर्षों से बांग्लादेश में छिपकर वहीं से भारत में अपने सिंडिकेट के गुर्गों के जरिये तमाम बड़े-छोटे गैंग्सटरों को विदेश व देश में निर्मित अवैध अत्याधुनिक हथियार आपूर्ति करवा रहा है।
पूरे सिंडिकेट पर यूएपीए लगाया
क्राइम ब्रांच ने इसी साल मई में अंसारी सिंडिकेट के 12 गुर्गों को गिरफ्तार कर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। जांच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने इस पूरे सिंडिकेट पर यूएपीए लगा दिया था।
बीते 26 अगस्त को क्राइम ब्रांच ने शाहबाज अंसारी सहित इस सिंडिकेट के आठ गुर्गों के खिलाफ राऊज एवेन्यू स्थित यूएपीए की विशेष अदालत में यूएपीए और आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं में आरोपपत्र दायर किया था और उपराज्यपाल से आरोपितों के खिलाफ यूएपीए के तहत केस चलाने की अनुमति मांगी थी, जिसपर उन्होंने मंजूरी दे दी।
33 विदेशी अत्याधुनिक हथियार और 365 कारतूस बरामद
मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक अंसारी सहित जिन आठ पर मुकदमा चलाने की अनुमति मिली है उनके नाम वसीम मलिक, रेहान, इमरान, कामरान, मोहम्मद नौमान, मोहम्मद नौशाद व हाशिम है। इनके खिलाफ अंसारी से सीधी बात होने के साक्ष्य मिले हैं।
ये सभी दिल्ली और खुर्जा के आसपास के रहने वाले हैं। इस सिंडिकेट के 20 गुर्गों को पुलिस अब तक गिरफ्तार कर चुकी है। इनके कब्जे से चेकोस्लाविया की दो सब मशीनगन समेत तुर्किये, इटली, चीन, ब्राजील और जर्मनी आदि देशों की विश्वस्तरीय ब्रांड की 33 विदेशी अत्याधुनिक हथियार और 365 कारतूस मिले हैं।
लुकआउट सर्कुलर नोटिस भी जारी
अंसारी, भगोड़ा घोषित है साथ ही इसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर नोटिस भी जारी है। मई में अंसारी के गुर्गों को पकड़ने पर जांच में उसका पाकिस्तान के अलावा नेपाल और बांग्लादेश कनेक्शन सामने आया था और इस सिंडिकेट के पुरानी दिल्ली से आपरेट होने की भी जानकारी मिली थी।
डीसीपी संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में एसीपी संजय कुमार नागपाल, इंस्पेक्टर मान सिंह व इंस्पेक्टर सुंदर गौतम की टीम ने पहले रेहान, हाशिम, साइम, सोनू गुप्ता, घनश्याम शर्मा उर्फ घानी, वसीम मलिक, निशांत अरोड़ा, नवाब, मोहम्मद नौमान, मोहम्मद नौशाद, इमरान व कामरान को गिरफ्तार किया था।
इमरान और मोहम्मद कामरान के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी था। जिसके आधार पर दोनों को आईजीआई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।
दोनों नेपाल से अवैध हथियारों की खेप लाते
इमरान, सिकंदराबाद का है और अंसारी का बहनोई है। एक साल से वह अंसारी के लिए काम कर रहा था। इसका काम नेपाल से हथियारों की खेप रिसीव करना, डिलीवरी के दौरान रेहान की मदद करना और खरीदारों से पैसे लेना था। कामरान भी बुलंदशहर का है।
वह अंसारी का चचेरा भाई है। वह भी एक साल से नेपाल के रास्ते सीमा पार से हथियारों की खेप भारत लाता था। अंसारी के इशारे पर ये दोनों नेपाल से अवैध हथियारों की खेप लाते थे।
पुलिस से बचने के लिए ये लोग इन हथियारों को पुर्जे अलग करके भारत लाते थे और सुरक्षित ठिकानों पर लाकर हथियारों को दोबारा जोड़ कर दिल्ली-एनसीआर तथा देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय अपराधियों को सप्लाई करते थे।
यह भी पढ़ें- दिल्ली के 2.30 लाख परिवारों को मुफ्त सोलर पैनल, जानिए कौन उठा सकेगा योजना का लाभ; कितनी मिलेगी सब्सिडी
यह भी पढ़ें- दिल्ली में 6 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न, गुस्साए लोगों ने आरोपित को दबोचकर पुलिस को सौंपा; POCSO में केस दर्ज
