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दिल्ली के 2.30 लाख परिवारों को मुफ्त सोलर पैनल, जानिए कौन उठा सकेगा योजना का लाभ; कितनी मिलेगी सब्सिडी

Published: Mon, 21 Sep 2026 10:06 PM (IST)

दिल्ली सरकार ने 'पीएम सूर्य घर, मुफ्त बिजली योजना' के लिए आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल लॉन्च किया है, जिसका लक्ष्य 2.30 लाख परिवारों को मुफ्त सोलर पैनल उपलब्ध कराना है।

सोमवार को दिल्ली सरकार ने 'पीएम सूर्य घर, मुफ्त बिजली योजना' के लिए आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल का शुभारंभ किया। एआई इमेज

सोमवार को दिल्ली सरकार ने 'पीएम सूर्य घर, मुफ्त बिजली योजना' के लिए आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल का शुभारंभ किया। एआई इमेज

HighLights

  1. दिल्ली सरकार ने 'पीएम सूर्य घर, मुफ्त बिजली योजना' पोर्टल लॉन्च किया।

  2. 2.30 लाख परिवारों को मुफ्त सोलर पैनल, 1.56 लाख सब्सिडी।

  3. छोटे घरों, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को भी मिलेगा योजना का लाभ।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने घरों की छतों पर सौर पैनल लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को दिल्ली सरकार ने 'पीएम सूर्य घर, मुफ्त बिजली योजना' के लिए आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल का शुभारंभ किया।

दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऊर्जा मंत्री आशीष सूद की उपस्थिति में इस पोर्टल का उद्घाटन किया।

योजना के पहले चरण के तहत 2.30 लाख से अधिक परिवारों को बिना किसी व्यक्तिगत खर्च के सोलर पैनल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पंजीकरण 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा।

सोलर योजना में केंद्र व दिल्ली सरकार मिलकर कितना देंगी सब्सिडी?

योजना के तहत 3 किलोवाट तक की क्षमता वाली सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने पर केंद्र सरकार 78 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता (सब्सिडी) प्रदान करेगी। इसके साथ ही दिल्ली सरकार भी उतनी ही समान राशि यानी 78 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराएगी।

इस तरह पात्र लाभार्थी परिवारों को कुल मिलाकर 1.56 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। जिन घरेलू उपभोक्ताओं की औसत मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है, उनके घरों पर 3 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम पूरी तरह मुफ्त लगाने की व्यवस्था की जा रही है।

छोटे घरों और ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के लिए विशेष प्रावधान

सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए छोटे मकानों और आवासीय सोसायटियों को भी इसमें शामिल किया है...

  • छोटे घर (2 किलोवाट तक): जिन घरों में पर्याप्त या बड़ी छत उपलब्ध नहीं है, वहां 2 किलोवाट तक की छोटी सौर प्रणाली लगाई जा सकेगी। सरकार ने ऐसे छोटे संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए कुल लक्ष्य का 50 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित रखा है।

  • ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां: ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों (आरडब्ल्यूए) के सामुदायिक क्षेत्रों और खुले स्थानों में सौर प्रणाली लगाने पर दी जाने वाली सहायता राशि को 2,000 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रति किलोवाट कर दिया गया है।

  • कम बिजली खर्च करने वालों को अतिरिक्त प्रोत्साहन

    0 से 200 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए विशेष इंसेंटिव की व्यवस्था की गई है। यदि कोई परिवार अपने घर पर सोलर पैनल लगवाने के बाद पारंपरिक बिजली की खपत में कमी लाता है, तो उसके द्वारा बचाई गई बिजली के आधार पर उसे अलग से आर्थिक प्रोत्साहन (फाइनेंशियल इंसेंटिव) दिया जाएगा।

    25 से 30 सालों तक मेंटेनेंस की व्यवस्था

    ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल से दिल्ली को देश की 'सौर ऊर्जा राजधानी' बनाने के अभियान को नई रफ्तार मिलेगी।

    सरकार ने सोलर पैनलों के रखरखाव को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है...

    • शुरुआती 5 वर्ष: सोलर सिस्टम लगाने वाला विक्रेता शुरुआती 5 वर्षों तक इसका नि:शुल्क रखरखाव करेगा।

    • अगले 20-25 वर्ष: इसके बाद अगले 25 से 30 वर्षों की कुल कार्य अवधि तक न्यूनतम और किफायती दरों पर देखरेख की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।