दिल्ली में यमुनापार वालों की बल्ले-बल्ले, अब विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार; 1090 नए प्रस्ताव मिले
पूर्वी दिल्ली में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने विकास कार्यों में तेजी लाने की तैयारी ...और पढ़ें
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दिल्ली सचिवालय में बैठक को संबोधित करते हुए यमुनापार विकास बोर्ड के अध्यक्ष व विधायक अरविंदर सिंह लवली। सौजन्य-दिल्ली सरकार
HighLights
यमुनापार में 1090 नए विकास कार्यों के प्रस्ताव मिले।
बोर्ड की 62वीं बैठक में प्रस्तावों की समीक्षा की गई।
विकास कार्यों के लिए 110.10 करोड़ रुपये जारी किए गए।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली यानी ट्रांस-यमुना क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने विकास कार्यों में तेजी लाने की तैयारी की है।
ट्रांस-यमुना एरिया डेवलपमेंट बोर्ड (टीवाईएडीबी) को विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से 1090 नए विकास कार्यों के प्रस्ताव मिले हैं। इनमें सड़क, पार्क, फुटपाथ, सार्वजनिक स्थान और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। बुधवार को बोर्ड की बैठक में इन प्रस्तावों की समीक्षा की गई।
बजट की जरूरतों पर चर्चा
दिल्ली सचिवालय में बोर्ड की 62वीं बैठक अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, यमुनापार के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक और दिल्ली सरकार, नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी शामिल हुए। स्वीकृत योजनाओं की प्रगति, लंबित परियोजनाओं और बजट की जरूरतों पर चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि स्वीकृत विकास कार्यों के लिए पहली और दूसरी किस्त के रूप में अब तक 110.10 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। लंबित वित्तीय देनदारियों और अगली किस्त जारी करने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
दूर करने के निर्देश दिए
लवली ने अधिकारियों को विकास कार्यों में देरी के कारणों की पहचान कर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थायी सार्वजनिक परिसंपत्तियां विकसित की जाएं, जिनका लोगों को लंबे समय तक लाभ मिले। सड़कों, पार्कों, फुट ओवरब्रिज और सार्वजनिक स्थानों की जरूरतों की सूची बनाकर प्राथमिकता से काम कराया जाएगा।
जवाबदेही के लिए विभागीय पोर्टल बनेगा
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभागीय पोर्टल बनाया जाएगा। इस पर विभिन्न एजेंसियों के कार्यों की प्रगति की जानकारी मिलेगी। बोर्ड की बैठक हर तीन महीने में होगी। इसमें प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा कर काम में आ रही बाधाएं दूर करने के फैसले लिए जाएंगे।
ट्रांस-यमुना क्षेत्र के सुनियोजित विकास और राजधानी के दूसरे हिस्सों से विकास संबंधी असमानता दूर करने के उद्देश्य से मार्च 1994 में बोर्ड का गठन किया गया था।
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