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टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन, दिल्ली के रामलीला मैदान में लाखों शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

Published: Sun, 05 Apr 2026 06:00 AM (IST)

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के खिलाफ देशभर के लाखों शिक्षकों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

दिल्ली के रामलीला मैदान अपनी मांगों को लेकर महारैली शामिल देश के अलग-अलग राज्यों से आए शिक्षक। जागरण

दिल्ली के रामलीला मैदान अपनी मांगों को लेकर महारैली शामिल देश के अलग-अलग राज्यों से आए शिक्षक। जागरण

HighLights

  1. टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ देशभर के शिक्षकों का प्रदर्शन।

  2. टीएफआई के नेतृत्व में दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली।

  3. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के भूतलक्षी प्रभाव को खत्म करने की मांग।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के खिलाफ देशभर के शिक्षकों ने रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया। टीचर फेडरेशन आफ इंडिया (टीएफआइ) के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों शिक्षक शामिल हुए।

रैली को संबोधित करते हुए टीएफआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि यह फैसला देशभर के करीब 20 लाख शिक्षकों की आजीविका पर संकट खड़ा कर रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि सुप्रीम कोर्ट निर्णय के भूतलक्षी प्रभाव (किसी कानून को पिछली तारीख से लागू करना) को खत्म करने के लिए कानून बनाया जाए और पहले से नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जाए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रैली में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी शिक्षकों का समर्थन किया और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

दरअसल, शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून लागू होने के बाद वर्ष 2010 से शिक्षकों की नियुक्ति में टीईटी अनिवार्य किया गया था। हालांकि, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी दो वर्षों के अंदर टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है।

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