तरुण हत्याकांड: दो जन्म प्रमाण पत्र और दो आधार नंबरों ने उलझाया उम्र का सवाल, 15 सितंबर को होगी सुनवाई
उत्तम नगर के तरुण हत्याकांड में मुख्य आरोपित की उम्र को लेकर विवाद गहरा गया है, क्योंकि उसके दो जन्म ...और पढ़ें

तरुण हत्याकांड में आरोपित की उम्र पर सवाल। (एआई जेनरेटेड इमेज)
HighLights
मुख्य आरोपित के दो जन्म प्रमाण पत्र और दो आधार नंबर सामने आए।
जन्म तिथियों में चार साल का अंतर, दस्तावेजों की जांच जारी है।
15 सितंबर को एसडीएम और जेजे बोर्ड में अहम सुनवाई होगी।
मुकेश ठाकुर, पश्चिमी दिल्ली। उत्तम नगर के तरुण हत्याकांड में नाबालिग बताए जा रहे मुख्य आरोपित की वास्तविक उम्र को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मुख्य आरोपित के नाम पर दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र और दो अलग-अलग आधार नंबर सामने आने के बाद जन्म रिकॉर्ड और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच शुरू हो गई है। इस मामले में 15 सितंबर को एसडीएम विकासपुरी कार्यालय और जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजे बोर्ड), द्वारका में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है।
एसडीएम विकासपुरी कार्यालय ने 14 सितंबर को जारी नोटिस में कहा है कि एमसीडी के जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार, पश्चिम क्षेत्र से मुख्य आरोपित के दो जन्म प्रमाण पत्रों के संबंध में रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें अलग-अलग जन्म तिथियां दर्ज हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पहले जन्म प्रमाण पत्र में मुख्य आरोपित की जन्म तिथि 7 अक्टूबर 2007 दर्ज है और इसका पंजीकरण 27 फरवरी 2008 को कराया गया था। दूसरे जन्म प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 7 अक्टूबर 2011 दर्ज है। इसका पंजीकरण 13 फरवरी 2018 को हुआ था। यह पंजीकरण तत्कालीन तहसीलदार, द्वारका द्वारा 22 जनवरी 2018 को जारी विलंबित जन्म पंजीकरण आदेश के आधार पर किया गया था।
जन्म प्रमाण पत्रों में दर्ज तिथियों में चार वर्ष का अंतर
इस तरह दोनों जन्म प्रमाण पत्रों में दर्ज जन्म तिथियों में चार वर्ष का अंतर है। एसडीएम कार्यालय के संज्ञान में यह भी आया है कि मुख्य आरोपित के दो अलग-अलग आधार नंबर हैं। इन्हीं विसंगतियों के सत्यापन के लिए अंतिम सुनवाई 15 सितंबर को सुबह 11 बजे एसडीएम विकासपुरी कार्यालय में तय की गई है।
मुख्य आरोपित, उसके माता-पिता और शिकायतकर्ता टेक चंद को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। उन्हें मूल जन्म प्रमाण पत्र, जन्म तिथि से संबंधित स्कूल रिकॉर्ड, दोनों आधार कार्ड, माता-पिता के पहचान पत्र तथा दो अलग-अलग जन्म रिकार्ड और आधार नंबर होने के संबंध में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित नहीं होने पर उपलब्ध रिकॉर्ड और रिपोर्ट के आधार पर मामले में एकतरफा निर्णय लिया जा सकता है।
जेजे बोर्ड में भी उठे उम्र और दस्तावेजों पर सवाल
दूसरी ओर, जेजे बोर्ड-द्वारका में भी मुख्य आरोपित की वास्तविक उम्र को लेकर सुनवाई चल रही है। नौ सितंबर की सुनवाई के दौरान तहसीलदार द्वारका द्वारा पेश किए गए रिकार्ड में जन्म तिथि से जुड़े दस्तावेजों और दो अलग-अलग आधार नंबरों का मुद्दा सामने आया था। पीड़ित पक्ष की ओर से करीब 14 वर्ष पुराने एक वीडियो का हवाला देते हुए मुख्य आरोपित के नाबालिग होने के दावे पर भी सवाल उठाए गए हैं।
जेजे बोर्ड के समक्ष अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुमित चौहान दस्तावेजों और उम्र संबंधी तथ्यों को लेकर जिरह करेंगे। पीड़ित पक्ष का कहना है कि दो अलग-अलग जन्म तिथियों और पहचान दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए मुख्य आरोपित के माता-पिता से पूछताछ जरूरी है।
आधार कार्ड जन्म तिथि का निर्णायक प्रमाण नहीं
वहीं, बचाव पक्ष ने पूर्व की सुनवाई में तर्क दिया था कि आधार कार्ड को जन्म तिथि का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। दूसरी ओर, विशेष लोक अभियोजक ने उम्र निर्धारण के मुद्दे पर आगे की कार्रवाई की बात रखी है।
जेजे बोर्ड ने मुख्य आरोपित की मां, जो वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद हैं, को प्रोडक्शन वारंट के जरिए 15 सितंबर को दोपहर दो बजे पेश करने का निर्देश दिया है। मुख्य आरोपित के पिता को भी उसी समय बोर्ड के समक्ष उपस्थित रहने के लिए समन जारी किया गया है।
