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सजा से ज्यादा जेल काट चुका महाठग सुकेश चंद्रशेखर, दिल्ली की कोर्ट ने किया रिहा; फिर भी कैद में ही रहेगा

Published: Fri, 30 Oct 2026 08:40 PM (IST)

राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को एक भ्रष्टाचार मामले में अधिकतम सजा से अधिक समय जेल में बिताने के ...और पढ़ें

दिल्ली की कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को किया रिहा, लेकिन अभी जेल में ही रहना होगा। फोटो: आर्काइव

दिल्ली की कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को किया रिहा, लेकिन अभी जेल में ही रहना होगा। फोटो: आर्काइव

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने ठगी के आरोपी सुकेश चंद्रशेखर को भ्रष्टाचार के एक मामले में रिहा करने का आदेश दिया है।

अदालत ने पाया कि वह इस मामले में आठ वर्ष, नौ माह और 14 दिन जेल में बिता चुका है। जबकि जिन धाराओं में उसके खिलाफ मुकदमा चल रहा है, उनमें अधिकतम सजा सात वर्ष है।

ऐसे में निर्धारित सजा से एक वर्ष, नौ माह और 14 दिन अधिक हिरासत में रखने के बाद उसे जेल में रखना उचित नहीं है। हालांकि, इस आदेश से सुकेश की जेल से पूरी तरह रिहाई नहीं होगी।

वह अन्य आपराधिक मामलों में भी आरोपी है और उन मामलों में हिरासत जरूरी होने पर जेल में ही रहेगा।

निर्धारित सजा से अधिक समय जेल में रहा

विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विद्या प्रकाश ने सुकेश की याचिका पर यह फैसला सुनाया। अदालत ने निर्देश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो उसे इस भ्रष्टाचार मामले में तत्काल रिहा किया जाए।

साथ ही अगली सुनवाई तक एक लाख रुपये का निजी मुचलका जमा कराने का निर्देश दिया।

सुकेश की ओर से अधिवक्ता अनंत मलिक ने दलील दी कि वह इस मामले में निर्धारित अधिकतम सजा से ज्यादा समय जेल में बिता चुका है। इसलिए उसे रिहा किया जाना चाहिए।

अदालत ने दलील स्वीकार करते हुए कहा कि कानून में विचाराधीन कैदी को निर्धारित अधिकतम सजा से अधिक समय तक हिरासत में रखने की अनुमति नहीं है।

अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष ने ऐसा कोई सबूत नहीं दिया जिससे साबित हो कि मुकदमे की सुनवाई में देरी सुकेश की वजह से हुई। इसलिए देरी के लिए आरोपी को जिम्मेदार ठहराकर उसकी हिरासत की अवधि को अलग नहीं किया जा सकता।

2017 में हुई थी सुकेश की गिरफ्तारी

सुकेश को इस मामले में 24 अक्टूबर 2017 को गिरफ्तार किया गया था। जेल अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 तक पैरोल और अंतरिम जमानत की अवधि घटाने के बाद भी वह आठ वर्ष, नौ माह और 14 दिन जेल में रह चुका था।

उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 12 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत आरोप तय किए गए थे।

29 आपराधिक मामलों में भी है आरोपी

अभियोजन पक्ष ने रिहाई का विरोध करते हुए कहा कि सुकेश के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 29 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) समेत गंभीर धाराओं में भी मुकदमे चल रहे हैं।

अभियोजन ने गवाहों को प्रभावित करने और डराने की आशंका भी जताई।

 
 

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