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दिल्ली-NCR में आतंकी मॉड्यूल बेनकाब: ISIS के चार आतंकियों से पूछताछ में खुले कई राज, 10 अन्य की तलाश में एजेंसियां

Published: Mon, 20 Apr 2026 06:00 AM (IST)

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तीन राज्यों से गिरफ्तार चार आतंकियों से पूछताछ के बाद करीब दस अन्य आइसिस-प्रभावित ...और पढ़ें

अन्य आतंकियों की तलाश कर रही स्पेशल सेल। (AI Generated Image)

अन्य आतंकियों की तलाश कर रही स्पेशल सेल। (AI Generated Image)

HighLights

  1. गिरफ्तार आतंकियों से दस अन्य की तलाश में स्पेशल सेल।

  2. राम मंदिर, संसद भवन, सैन्य प्रतिष्ठान थे इनके निशाने पर।

  3. इंटरनेट मीडिया से युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे थे आतंकी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा तीन राज्यों से गिरफ्तार किए आइसिस और एक्यूआइएस से प्रभावित चार आतंकियों से पूछताछ व उनके मोबाइल की जांच में इनसे जुड़े करीब दस अन्य आतंकियों के बारे में केंद्रीय एजेंसियों व स्पेशल सेल को जानकारी मिली है, जिनकी तलाश में बिहार, यूपी, महाराष्ट्र व ओडिशा आदि राज्यों सर्च आपरेशन जारी है।

वे सभी इन चारों आतंकियों के विभिन्न ग्रुपों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। स्पेशल सेल का मानना है कि ये सभी अभी किसी आतंकी संगठन के हैंडलर से जुड़े हुए नहीं थे इसलिए हैंडलर की ओर से इन्हें कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया था। ये सभी अभी इंटरनेट मीडिया के जरिये ही आपस में जुड़कर अपने स्तर पर युवाओं को जोड़कर उन्हें कट्टरपंथी बनाने में जुटे हुए थे।

निशाने पर थे कई अहम स्थान

इनकी योजना राम मंदिर, संसद भवन व सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की थी। उसी के तहत सभी बम बनाने का सामान जुटाने में लगे हुए थे, लेकिन प्लानिंग से पहले ही स्पेशल सेल ने आइसिस से प्रभावित चार आतंकियों को पकड़कर इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

हाल के महीने में दिल्ली-एनसीआर से पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए-तैयबा के अलावा आइसिस आदि संगठनों के कई आतंकियों के पकड़े जाने के मामले ने केंद्रीय एजेंसियों व एनसीआर की पुलिस की चिंता बढ़ा दी है।

हालात को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों व एनसीआर की पुलिस ने भी इंटरनेट मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जिससे एनसीआर ही नहीं देश भर से लगातार आतंकी गतिविधियों में संलिप्त युवा पकड़े जाने लगे हैं।

सेल के एक अधिकारी का कहना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ पिछले कुछ सालों से पूरी तरह से भारत को अस्थिर करने में जुट गई है।

32 युवा पकड़े गए

एक माह में करीब 32 से अधिक युवा जासूसी करने के आरोप मेें दिल्ली एनसीआर और पंजाब से पकड़े जा चुके हैं जो आइएसआइ और पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े हुए थे। देश भर से अब सोलर आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी फुटेज पाकिस्तान भेजने के आरोप में युवा पकड़े जाने लगे हैं।

बीते दिनों स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी की टीम ने मुंबई, भुवनेश्वर व कटिहार से जिन चार आतंकियों को गिरफ्तार किया वे सभी देश में ''खिलाफत'' स्थापित करने और ''गजवा-ए-हिंद'' के नाम पर आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे।

पूछताछ में इन्होंने राम मंदिर, संसद भवन और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की बात कही है। एक आतंकी के पास से आइईडी यानी बम बनाने की सामग्री भी बरामद हुई। ये लोग युवाओं को आतंकी बनाने के साथ ही ''गज़वा-ए-हिंद'' में हिस्सा लेने के लिए तैयार कर रहे थे।

इंटरनेट मीडिया ग्रुप में जुड़े थे

गिरफ्तार आतंकियों में मोसैब अहमद उर्फ सोनू (आजमगढ़), मोहम्मद हम्माद (मुंबई), शेख इमरान (भुवनेश्वर) व मोहम्मद सोहेल (कटिहार) का रहने वाला है। ये लाेग एन्क्रिप्टेड इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर बने विभिन्न ग्रुपों से जुड़े हुए थे।

कुछ ग्रुप के ये लोग एडमिन थे तो कुछ में बतौर सदस्य जुड़े हुए थे। ये जिहाद के ज़रिए खिलाफत यानी इस्लामिक राज्य स्थापित करने के लिए दूसरों को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने में लगे हुए थे।

इस माड्यूल के दो आतंकी एक रिमोट-नियंत्रित आइईडी बनाने के लिए स्थानीय स्रोतों से सामान इकट्ठा करने की प्रक्रिया में थे, जिसका इस्तेमाल आगे आतंकवादी हमले के लिए किया जा सकता था।

माड्यूल के एक सदस्य दूसरों को ''गज़वा-ए-हिंद'' में हिस्सा लेने के लिए हथियार और विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए उकसा रहा था।

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