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उत्तराखंड के असलाह तस्करों का आतंकी कनेक्शन, सामने आया हल्द्वानी गन हाउस का नाम

Published: Sun, 19 Apr 2026 09:41 AM (GMT+05:30)

अंतरराज्यीय असलहा तस्करों ने हल्द्वानी के एक गन हाउस से कारतूस खरीदने के लिए सितारगंज के लाइसेंस धारकों के लाइसेंस का इस्तेमाल किया।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान मीर को पिस्टल सप्लाई करने वाले गिरफ्तार किए गए अंतरराज्यीय असलहा तस्कर कारतूस सितारगंज के तीन-चार लाइसेंसी असलहा धारकों के लाइसेंस से हल्द्वानी स्थित गन हाउस से कारतूस खरीदते थे।

चौबीस घंटे की रिमांड में हुई पूछताछ में इसकी जानकारी मिलने के बाद अब पुलिस और एसओजी हल्द्वानी के गन हाउस स्वामी के साथ ही सितारगंज के लाइसेंस धारकों से पूछताछ कर पुष्टि करेगी। इसके बाद उन पर भी पुलिस कार्रवाई कर सकती है।

पांच असलहे और 300 से अधिक कारतूस हुए थे बरामद

आठ अप्रैल की देर रात सितारगंज से चोरगलिया-नैनीताल के जंगल में भारी मात्रा में असलहे और कारतूस छिपाने ले जा रहे सितारगंज निवासी हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू को पुलिस और एसओजी ने गिरफ्तार किया था। उनके पास से पांच असलहे और 300 से अधिक कारतूस बरामद हुए थे।

पूछताछ में हरेंद्र उर्फ हनी का कनेक्शन अल बदर आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान मीर से मिला था। उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद दिल्ली स्पेशल सेल के साथ ही आइबी और पुलिस ने 24 घंटे की रिमांड पर लेकर दोनों असलहा तस्करों से पूछताछ की थी।

जिसमें उन्होंने पिस्टल बदायूं से लाने की बात स्वीकार की थी, जबकि कारतूस हल्द्वानी के एक गन हाउस से लाने की बात कही थी। इसके लिए उन्होंने सितारगंज के कुछ लाइसेंस धारकों के लाइसेंस का इस्तेमाल किया था। ऐसे में अब पुलिस और एसओजी इसकी पुष्टि के लिए गन हाउस स्वामी के साथ ही सितारगंज के कुछ लाइसेंस धारकों से पूछताछ करेगी।

एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि पुलिस और एसओजी इसकी जांच कर रही है। आरोप सही मिलने पर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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