खानपुर से महरौली तक फैला ड्रग नेटवर्क! 8 माह में 65 नाइजीरियन पकड़े, नकली स्टैंप लगाकर बना लेते हैं फर्जी वीजा
दक्षिणी दिल्ली में नाइजीरियाई गिरोह के खिलाफ आठ माह से कार्रवाई चल रही है। 65 नाइजीरियाई बिना वैध वीजा के ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस ने नाइजीरियर ड्रग्स तस्कर गिरोह पर कसा शिकंजा। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
दक्षिणी दिल्ली में 65 नाइजीरियाई बिना वैध वीजा के पकड़े गए
नशा तस्करी के आरोप में 15 नाइजीरियाई पर एफआईआर
अवैध रूप से रह रहे नाइजीरियाई लोगों पर पुलिस की कार्रवाई
मुहम्मद रईस, दक्षिणी दिल्ली। गुरुग्राम व फरीदाबाद सीमा से लगे दक्षिणी दिल्ली के क्षेत्रों में नाइजीरियन गिरोह के खिलाफ पिछले आठ माह से दक्षिणी जिला पुलिस की कार्रवाई चल रही है। नाइजीरियाई मूल के 15 तस्करों पर एफआईआर दर्ज की गई।
वहीं, 65 ऐसे नाइजीरियन को पकड़ा गया, जिनके पास वैध वीजा ही नहीं था। कुछ तो 10 वर्ष से बिना वीजा या फर्जी वीजा के साथ रहते मिले हैं। एफआरआरओ के समक्ष पेश कर इन्हें लामपुर डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया, जहां डिपोर्ट करने की प्रक्रिया चल रही है।
कोर्ट में केस चलते तक डिटेंशन सेंटर में ही रहेगी नाइजीरियन
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक नशा तस्करी में गिरफ्तार नाइजीरियन को कोर्ट में केस चलने तक यहीं रहना होगा। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें भी डिपोर्ट किया जाएगा।
डेढ़ दशक पहले तक नाइजीरियन मूल के तस्कर दक्षिणी दिल्ली में सक्रिय थे। एनसीआर से लेकर नेपाल तक यहीं से नशे का सामना जाता था। उस समय दिल्ली पुलिस ने नशे के खिलाफ सघन अभियान चलाया।
द्वारका और एनसीआर के दूसरे जिलों में रहने लगे
पुलिस की दहशत तस्करों पर ऐसी छाई कि नाइजीरियन मूल के ज्यादातर लोग द्वारका और एनसीआर में शिफ्ट हो गए। पिछले दो-तीन वर्षों में अब फिर से दक्षिणी दिल्ली में नशे के कारोबार ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं।
खानपुर, देवली, संगम विहार, महरौली व हौजरानी में नाइजीरियन मूल के लोगों की अच्छी आबादी है। मकान मालिक मोटे किराए के फेर में पुलिस वेरिफिकेशन से बचते हैं।
फर्जी तरीके से रहने वाले नाइजीरियाई मूल के लोगों के खिलाफ महरौली थाना क्षेत्र में एसएचओ महरौली ऋतेश शर्मा के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है।
नकली स्टैंप लगाकर बना लेते हैं फर्जी वीजा
पुलिस के मुताबिक ज्यादातर नाइजीरियन वीजा अवधि पूरी होने के बाद भी दिल्ली के घने इलाकों में छिपकर रहते हैं। वीजा की फोटो कापी में डेट के साथ छेड़छाड़ कर नकली स्टैंप भी लगा लेते हैं।
मकान मालिक झांसे में आकर किराए पर रूम भी दे देेते हैं। स्ट्रैंप या लिखावट में बदलाव से ये पकड़ में आते हैं। ऐसे नाइजीरियाई मूल के नागरिकों को पकड़कर थाने लाते हैं। डीडी एंट्री कर मेडिकल कराया जाता है।
फिर एफआरआरओ के सामने पेश किया जाता है, जहां वीजा और पासपोर्ट का सत्यापन होता है। फर्जी पाए जाने पर नाइजीरियन एंबेसी को सूचित करते हुए आरोपितों को दिल्ली-गुरुग्राम बार्डर पर बने लामपुर डिटेंशन सेंटर भेजा जाता है, जहां से डिपोर्ट करने की प्रक्रिया चलती है।
नशा तस्करी को लेकर इस वर्ष के कुछ मामले
- 20 जनवरी 2026: महरौली में एक करोड़ की एमडीएमए ड्रग्स के साथ नाइजीरियन महिला गिरफ्तार, वहीं देवली स्थित उसके फ्लैट से एमडीएमए ड्रग बनाने में प्रयुक्त 113 किलो कच्चा माल हुआ था बरामद।
- 27 अक्टूबर 2025: गुरुग्राम के बख्तावर चौक से 65 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स के साथ दो नाइजीरियाई तस्कर गिरफ्तार, खानपुर स्थित फ्लैट से चलता था नशे का कारोबार, वहां से तीसरी साथी को भी पुलिस ने दबोचा।
- 23 सितंबर 2025: गोविंदपुरी में दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के एमडीएम व साइकोट्रोपिक इंजेक्शन के साथ दो नाइजीरियन को गिरफ्तार किया।
- 12 सितंबर 2025: महरौली से 2.25 करोड़ की कोकीन के साथ एक नाइजीरियन समेत तीन गिरफ्तार।
- 22 जुलाई 2025: महरौली के ही चंदन होला गांव से 137 ग्राम कोकीन के साथ दो नाइजीरियन गिरफ्तार।
- 22 जून 2025: महरौली से गुरुग्राम व नेपाल तक कोकीन की तस्करी करने वाले छह नाइजीरियन गिरफ्तार।
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