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दिल्ली की 1200 सोसायटियों में बदलेगी घर का होगा कायाकल्प, FAR 160 से 300 करेगा DDA; ला रहे सिंगल विंडो सिस्टम

Published: Tue, 22 Sep 2026 07:57 PM (IST)Updated: Tue, 22 Sep 2026 07:58 PM (IST)

राजधानी दिल्ली की लगभग 1200 सहकारी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के पुनर्विकास का मार्ग साफ हो गया है। डीडीए एक सिंगल विंडो सिस्टम लागू करेगा, एफएआर 160 से बढ़कर 300 होगा।

डीडीए अब सिंगल विंडो सिस्टम तैयार करेगा, जिससे पुनर्विकास से जुड़ी विभिन्न मंजूरियों के लिए एक स्थान पर आवेदन किया जा सकेगा।

डीडीए अब सिंगल विंडो सिस्टम तैयार करेगा, जिससे पुनर्विकास से जुड़ी विभिन्न मंजूरियों के लिए एक स्थान पर आवेदन किया जा सकेगा।

HighLights

  1. डीडीए सिंगल विंडो सिस्टम से पुनर्विकास मंजूरियां होंगी आसान।

  2. एफएआर 160 से बढ़कर 300 होगा, आवासीय इकाइयां बढ़ेंगी।

  3. पुनर्विकास के लिए 70% सदस्यों की सहमति अनिवार्य।

संजय कुमार, बाहरी दिल्ली। राजधानी दिल्ली की करीब 1200 सहकारी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के लिए पुनर्विकास का रास्ता खुलने जा रहा है। जर्जर और कंडम हो चुकी इमारतों के साथ अब ऐसी सोसायटियां भी पुनर्विकास करा सकेंगी, जहां भवनों की स्थिति सुधार की मांग की जा रही है। इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से सिंगल विंडो सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से पुनर्विकास से जुड़ी विभिन्न मंजूरियों के लिए एक स्थान पर आवेदन किया जा सकेगा।

दो माह में शुरू होगी सर्विस

यह जानकारी रोहिणी फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव ग्रुप ऑफ हाउसिंग सोसायटी के अध्यक्ष आर्य मुनि व वरिष्ठ उप प्रधान हर्ष जीन्दगर ने विशेष बातचीत में दी।

दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि उनके एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को आईएनए स्थित डीडीए कार्यालय में उपाध्यक्ष से मुलाकात कर सोसायटियों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक में मास्टर प्लान दिल्ली-2047 के तहत सोसायटियों के पुनर्विकास से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा हुई। इसमें डीडीए की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश करीब दो महीने में जारी किए जाने की बात कही गई है।

चार हेक्टेयर की शर्त हटाई

बैठक में बताया गया कि पुनर्विकास के लिए पहले लागू चार हेक्टेयर क्षेत्रफल की शर्त को हटाया है। अब करीब 3000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली सोसायटियां भी निर्धारित शर्तों के साथ पुनर्विकास का विकल्प अपना सकेंगी। इसके लिए सोसायटी के सभी फ्लैट का फ्रीहोल्ड होना आवश्यक है।

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रोहिणी फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव ग्रुप ऑफ हाउसिंग सोसायटी के अध्यक्ष आर्य मुनि व वरिष्ठ उप प्रधान हर्ष जीन्दगर ने दी जानकारी।

70 प्रतिशत सदस्यों की अनुमति जरूरी

पुनर्विकास के लिए सोसायटी के कम से कम 70 प्रतिशत सदस्यों की सहमति जरूरी है। बैठक में स्पष्ट किया है कि किसी सोसायटी में पूरी इमारत का एक साथ पुनर्विकास करने के बजाय जरूरत के अनुसार चरणबद्ध या आंशिक पुनर्विकास भी कराया जा सकेगा।

एफएआर बढ़ेगा, आवासीय इकाइयां भी बढ़ेंगी

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सोसायटियों में एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) को 160 से बढ़ाकर 300 तक किए जाने का प्रावधान है। इससे उपलब्ध निर्माण क्षेत्र बढ़ेगा। साथ ही मौजूदा संख्या के मुकाबले आवासीय इकाइयों में करीब 50 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना होगी। पुनर्विकास परियोजना में 15 प्रतिशत क्षेत्र ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए आरक्षित रखना होगा।

सोसायटी प्रबंधन की होगी जिम्मेदारी

पुनर्विकास से जुड़े निर्माण और अन्य कार्य सोसायटी की प्रबंधन समिति को स्वयं कराने होंगे। डीडीए की ओर से विभिन्न विभागों की मंजूरियों को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे सोसायटियों को अलग-अलग विभागों में आवेदन करने की प्रक्रिया से राहत मिलने की उम्मीद है।

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