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पूर्वी दिल्ली के 2 लाख लोगों को मिलेगी राहत, दिल्ली जल बोर्ड बदलेगा जर्जर पाइपलाइनें

Published: Mon, 19 Oct 2026 03:51 PM (IST)

पूर्वी दिल्ली के शकरपुर, मंडावली और पांडव नगर में दूषित पेयजल की समस्या दूर करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड पुरानी पाइपलाइनों को बदलेगा।

पूर्वी दिल्ली में दूषित पानी की समस्या से मिलेगी राहत (AI-Generated image)

पूर्वी दिल्ली में दूषित पानी की समस्या से मिलेगी राहत (AI-Generated image)

HighLights

  1. शकरपुर, मंडावली, पांडव नगर में दूषित पानी की समस्या।

  2. दिल्ली जल बोर्ड बदलेगा पुरानी जर्जर पाइपलाइनें।

  3. दो लाख लोगों को मिलेगा स्वच्छ और पर्याप्त पानी।

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। शकरपुर, मंडावली और पांडव नगर में दूषित पेयजल की समस्या दूर करने के लिए पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को बदलने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली जल बोर्ड की इस योजना से करीब दो लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

इन इलाकों में पेयजल के साथ सीवर का गंदा पानी मिलने और घरों तक कम दबाव से पानी पहुंचने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

100 से 200 मिलीमीटर व्यास की बिछेंगी पाइपलाइनें

दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र की मुख्य सड़कों और गलियों में पुरानी पाइपलाइनों की जगह 100 से 200 मिलीमीटर व्यास की नई डक्टाइल आयरन (डीआई) पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी। मजबूत और टिकाऊ होने के कारण इन पाइपलाइनों से रिसाव की समस्या कम करने और जलापूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

घरेलू कनेक्शनों की भी होगी जांच

योजना के तहत केवल मुख्य पाइपलाइनें बदलने तक काम सीमित नहीं रहेगा। घरों तक पानी पहुंचाने वाले पुराने कनेक्शनों की भी जांच की जाएगी। जहां लीकेज या जलापूर्ति में बाधा मिलेगी, वहां जरूरत के अनुसार मरम्मत और सुधार कार्य किया जाएगा। इससे पानी की बर्बादी रोकने के साथ घरों तक पर्याप्त दबाव से पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पेयजल की गुणवत्ता पर रहेगा जोर

इन इलाकों में पेयजल और सीवर लाइनें आसपास होने के कारण पुरानी पाइपलाइनों में रिसाव से पानी दूषित होने की आशंका बनी रहती है। दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा।

पाइपलाइन बदलने के बाद भी पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। परियोजना पूरी होने से स्थानीय निवासियों को दूषित पानी की समस्या से राहत मिलने और पेयजल आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है।

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