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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Red Fort Violence: उपद्रवियों की क्रूरता का वीडियो आया सामने, जान बचाने को खाई में कूद गए थे सुरक्षाकर्मी

By Mangal YadavEdited By:
Published: Wed, 27 Jan 2021 12:07 PM (IST)Updated: Wed, 27 Jan 2021 01:31 PM (IST)

Red Fort Violence लाठी डंडों और तलवारों से लैस उपद्रवी पुलिसकर्मियों की जान के दुश्मन बने हुए थे वहीं दूसरी ...और पढ़ें

उपद्रवियों से बचने को खाई में कूदते सुरक्षाकर्मी ’ वीडियो ग्रैब
उपद्रवियों से बचने को खाई में कूदते सुरक्षाकर्मी ’ वीडियो ग्रैब

नई दिल्ली [नेमिष हेमंत]। उपद्रव के दौरान लालकिले का मंजर बेहद खौफनाक और दहशत से भर देने वाला था। एक तरफ लाठी डंडों और तलवारों से लैस उपद्रवी पुलिसकर्मियों की जान के दुश्मन बने हुए थे, वहीं दूसरी तरफ 20 फीट गहरी खाई, मौत को दावत दे रही थी। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों ने जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन जब उपद्रवियों पर उनकी मिन्नतों का भी असर नहीं हुआ तो उन्होंने इस खाई में ही छलांग लगा दी।

इसका नतीजा यह हुआ कि 20 से अधिक जवान चोटिल हो गए। लाल किला की प्राचीर पर उपद्रवी अपना झंडा फहराने की कोशिश करने लगे। अर्धसैनिक बल के जवानों ने उनको रोकना चाहा तो जवानों पर टूट पड़े। वहीं, लालकिला से लगी खाई के किनारे खड़े 40 सेअधिक जवानों को भी घेर लिया। 

मिली जानकारी के अनुसार, लालकिले की प्राचीन पर तिरंगा के साथ कथित झंडा फहराते समय उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश करते अर्धसैनिक बल के जवान को खींच कर गुंबद से नीचे गिरा दिया। इतना ही पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चलाने के साथ कातिलाना धावा बोल दिया। तलवार और लोहे की राड के साथ अन्य हथियारों से सुरक्षा में लगे जवानों पर टूट पड़े। कितने पुलसकर्मियों के साथ दूसरे लोगों के सिर फोड़ दिए।हालात यह रहा कि लालकिला से लगायत चल रही खाई के किनारे खड़े 40 से अधिक जवानों पर घेरकर एक साथ हमला बोल दिया।

पुलिस के जवान चाहते तो अपने बचाव में रक्षात्मक गोलियां चला सकते थे। पर उन्होंने ऐसा नहीं किया। बल्कि हमलों को सहते हुए खुद की जान बचाने के लिए एक-एक कर खाई में कूदने लगे। तकरीबन 20 फुट गहरी खाई में कूदने से कई जवानों को गंभीर चोटे आई। लाल किला परिसर के चारों ओर बनी यह खाई सुरक्षा के लिए बनाई गई थी। पहले इसमें पानी भरा जाता था। गनीमत थी कि इसमें पानी नहीं था। अन्यथा कई जवानों की डूबने से जान जा सकती थी।

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