विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Explainer: सत्य निकेतन हादसे में रेंट एग्रीमेंट में 'कोई जिम्मेदारी नहीं' लिखने से क्या खत्म हो जाएगा जिम्मा? जानें कानून

Published: Thu, 10 Sep 2026 08:52 PM (IST)

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद रेंट एग्रीमेंट में 'कोई ...और पढ़ें

सत्य निकेतन इलाके में हादसे के बाद पीजी के किराया समझौते (रेंट एग्रीमेंट) को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एआई इमेज

सत्य निकेतन इलाके में हादसे के बाद पीजी के किराया समझौते (रेंट एग्रीमेंट) को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एआई इमेज

HighLights

  1. सत्य निकेतन इमारत हादसे में 7 लोगों की मौत, रेंट एग्रीमेंट पर विवाद।

  2. कानून कहता है, लापरवाही पर मकान मालिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।

  3. पीड़ित परिवार आपराधिक मामला दर्ज कर मुआवजे की मांग कर सकते हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला पीजी इमारत गिर गई, जिसमें 7 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पीजी के किराया समझौते (रेंट एग्रीमेंट) को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस समझौते में लिखा था कि इमारत या किराएदारों को किसी भी तरह का नुकसान होने पर पीजी मालिक की 'कोई जिम्मेदारी नहीं' होगी और वे किसी मुआवजे का भुगतान नहीं करेंगे।

कानून क्या कहता है?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, रेंट एग्रीमेंट में लिखी कोई भी शर्त मकान मालिक की जिम्मेदारी को खत्म नहीं कर सकती। यदि इमारत का गिरना घटिया निर्माण, बिना अनुमति के बदलाव या देखरेख में लापरवाही के कारण हुआ है, तो मालिक इस शर्त का सहारा लेकर कानूनी कार्रवाई से बच नहीं सकता।

'नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति' का सच

कुदरती आपदाओं या अचानक हुई घटनाओं के लिए छूट का नियम तब लागू नहीं होता, जब गलती सीधे मालिक की हो। उदाहरण के लिए, यदि मालिक ने बिना इजाजत बेसमेंट में तोड़-फोड़ की हो या जरूरत से ज्यादा मंजिलें बना दी हों, तो इसे अनहोनी नहीं बल्कि मालिक की सीधी लापरवाही माना जाएगा।

पीड़ितों और उनके परिवारों के अधिकार

रेंट एग्रीमेंट की शर्तें पीड़ितों या उनके परिवारों को अदालत जाने से नहीं रोक सकतीं। जांच में लापरवाही साबित होने पर पीड़ित परिवार मालिक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करा सकते हैं और मुआवजे की मांग भी कर सकते हैं।

किस-किस की होगी जवाबदेही?

ऐसे हादसों में सिर्फ पीजी चलाने वाला ही नहीं, बल्कि इमारत का असली मालिक भी पूरी तरह जिम्मेदार होता है। अवैध निर्माण करने, इमारत की मजबूती का ध्यान न रखने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

यह भी पढ़ें- सत्य निकेतन हादसा केस: PG संचालक शुभम त्यागी की अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने किया खारिज

यह भी पढ़ें- 'हाई कोर्ट से केस ट्रांसफर नहीं करेंगे', सत्य निकेतन हादसे पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया रुख

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।