करवाचौथ मना रहे थे सीनियर डॉक्टर, जूनियरों ने ऑनलाइन कंसल्ट से कर दिया ऑपरेशन; मरीज की मौत
रोहिणी के डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल में अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद 26 वर्षीय युवक आशीष की मौत हो ...और पढ़ें

ऑपरेशन के बाद मृतक आशीष की मौत। फोटो-दैनिक जागरण
HighLights
रोहिणी अस्पताल में अपेंडिक्स ऑपरेशन के बाद युवक की मौत।
सीनियर सर्जन की अनुपस्थिति में जूनियरों पर लापरवाही का आरोप।
स्वजनों ने निष्पक्ष जांच और सर्जरी फुटेज की मांग की।
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। रोहिणी स्थित डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल में अपेंडिक्स के आपरेशन के बाद 26 वर्षीय युवक आशीष की इलाज के दौरान मौत हो गई।
स्वजन का आरोप है कि सीनियर सर्जन करवाचौथ के अवकाश पर थी और जूनियरों ने ऑनलाइन कंसल्ट कर मरीज का गलत ऑपरेशन कर दिया। इससे मरीज की मौत हो गई।
सर्जरी की वीडियो फुटेज मांग रहे स्वजन
स्वजन ने इस मामले की एसएचओ नार्थ रोहिणी को शिकायत देते हुए निष्पक्ष जांच करवाने व दो बार की गई सर्जरी की वीडियो फुटेज भी मांगी है। साथ ही आग्रह किया है कि मृतक का पोस्टमार्टम दूसरे अस्पताल में करवाया जाए।
अवंतिका रोहिणी निवासी राजेन्द्र कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे आशीष को 26 अक्टूबर को अस्पताल लाए थे। डाक्टर ने रात को उसे घर भेज दिया, वह ठीक था। 27 अक्टूबर को वे फिर आए तो कहा कि कुछ जांच करते हैं और 28 अक्टूबर को उसे दाखिल कर लिया। 29 अक्टूबर को ऑपरेशन की डेट रखी गई।
ऑपरेशन के बाद से मरीज की तबीयत खराब
करवा चौथ के कारण अस्पताल में सीनियर सर्जन नहीं थी। जूनियर डॉक्टर ने ऑनलाइन कंसल्ट कर ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज को उल्टी होने लगी व पेट दर्द शुरू हो गया।
मरीज को वार्ड में शिफ्ट किया तो हालत अधिक खराब थी। वहां सीनियर डऑक्टर नहीं था। बार-बार आग्रह करने पर मरीज को आपातकालीन विभाग में शिफ्ट किया तो वहां मॉनीटर काम नहीं कर रहा था। बताया कि यह खराब है। आपातकालीन विभाग में मरीज दो घंटे मरीज तड़पता रहा।
एक के बाद दूसरा ऑपरेशन
जब सीनियर डॉक्टर को बुलाया तो बताया कि मरीज की हालत खराब है। दूसरा ऑपरेशन करना पड़ेगा। हमसे दूसरे पेपर पर फिर साइन कराए गए, इसमें क्या लिखा था जानकारी नहीं है। हमने मरीज को अन्य अस्पताल ले जाने की बात कही तो कहा मरीज ऐसी हालत में नहीं है।
दूसरे ऑपरेशन के बाद बताया कि मरीज अब 50 फीसदी सही है। लेकिन मरीज की हालात नाजुक बनी हुई थी, रात को डॉक्टर नहीं थे। मौके पर कहा गया अभी मरीज को बेहोशी का इंजेक्शन लगाना पड़ेगा। सुबह चार बजे मरीज को मृत घोषित कर दिया।
क्या है परिवार वालों की मांग
इस पर स्वजन ने मांग की है कि दोनों ऑपरेशन के मेडिकल रिकार्ड, चिकित्सकों की शैक्षणिक योग्यता, ड्यूटी रोस्टर, आपरेशन थिएटर के रिकार्ड और विवादित सहमति पत्र की निष्पक्ष जांच हो। जांच से स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस कारण हुई।
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