मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राबर्ट वाड्रा को समन, 16 मई को कोर्ट में पेश होने का आदेश
राउज एवेन्यू कोर्ट ने शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा सहित कई आरोपियों को ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने हरियाणा के शिकोहपुर में जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी राबर्ट वाड्रा समेत कई आरोपितों को समन जारी किया है। कोर्ट ने वाड्रा और अन्य आठ आरोपितों को 16 मई को पेश होने का निर्देश दिया है। अब कोर्ट द्वारा समन जारी होने के बाद मामले में अगली सुनवाई 16 मई को होगी, जहां सभी आरोपितों को पेश होना होगा।
यह समन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेने के बाद जारी किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि फिलहाल जांच का दायरा सीमित है और इस चरण में केवल तकनीकी पहलुओं, विशेषकर क्षेत्राधिकार से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। अन्य तर्कों पर आरोप तय होने के दौरान सुनवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2018 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें वाड्रा के साथ हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा समेत अन्य को नामजद किया गया था। आरोपों में भ्रष्टाचार, जालसाजी और धोखाधड़ी जैसी धाराएं शामिल हैं।
ईडी के अनुसार, वाड्रा की कंपनी ने फरवरी 2008 में गुरुग्राम के शिकोहपुर इलाके में 3.5 एकड़ जमीन ओमकारेश्वर प्रापर्टीज से करीब 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। बाद में इसी जमीन को रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ को करीब 58 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।
एजेंसी को संदेह है कि इस सौदे में हुई भारी कमाई मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा हो सकती है, जिसके चलते धन के स्रोत और लेनदेन की जांच शुरू की गई। ईडी ने 17 जुलाई 2025 को दाखिल पूरक अभियोजन शिकायत में राबर्ट वाड्रा को औपचारिक रूप से इस मामले में आरोपित बनाया था।
