दिल्ली-मुंबई रूट पर नहीं घटेंगी 33% उड़ानें, मंत्रालय ने फैसले पर लगाई रोक; किराया बढ़ने डर भी नहीं
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मुंबई एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में प्रस्तावित 33% कटौती पर रोक लगा दी है, जिससे दिल्ली-मुंबई ...और पढ़ें

दिल्ली मुंबई रूट पर अब 33 प्रतिशत उड़ानें नहीं होंगी कम। फोटो: आर्काइव
HighLights
मंत्रालय ने मुंबई से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कटौती रोकी।
दिल्ली-मुंबई यात्रियों को त्योहारों में किराए वृद्धि से राहत।
एयरलाइंस को संचालन जारी रखने का विस्तार मिला।
गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण हवाई मार्ग दिल्ली-मुंबई पर सफर करने वाले यात्रियों और कॉरपोरेट जगत के लिए बड़ी राहत की खबर आई है।
सूत्रों का कहना है कि मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (सीएसएमआईए) के टर्मिनल-2 से संचालित होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 33 प्रतिशत कटौती करने की योजना पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने फिलहाल रोक लगा दी है।
दिल्ली से रोज मुंबई जाती हैं 60 उड़ानें
मंत्रालय के इस अहम दखल के बाद एयरलाइंस के साप्ताहिक प्रस्थान स्लाॅट 25 अक्टूबर से बंद नहीं होंगे और उन्हें काम जारी रखने का विस्तार दे दिया गया है। बता दें कि दिल्ली एयरपोर्ट से रोजाना सर्वाधिक उड़ानें मुंबई रूट के लिए ही संचालित होती हैं, जहां रोजाना औसतन 50 से 60 से अधिक सीधी उड़ानें हैं।
दिवाली-छठ में यात्रियों को राहत
मंत्रालय के इस फैसले से आगामी दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के सीजन में दिल्ली से मुंबई जाने वाले और मुंबई होकर आगे अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे बड़ा फायदा मिला है।
यदि 25 अक्टूबर से उड़ानों में 33 प्रतिशत की बड़ी कटौती लागू हो जाती, तो सीमित सीटों की वजह से दिल्ली-मुंबई रूट के हवाई किराये में दो से तीन गुना तक उछाल आ सकता था।
13 अक्टूबर को संयुक्त बैठक
सूत्रों के अनुसार, एयरलाइंस ने सरकार को अवगत कराया था कि अडानी एयरपोर्ट्स द्वारा दी गई समयसीमा व्यावहारिक नहीं थी। इसके बाद मंत्रालय ने अडानी एयरपोर्ट्स को सभी एयरलाइंस, डीजीसीए और बीसीएएस के साथ मिलकर एक नया ट्रांजिशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए 13 अक्टूबर को एक संयुक्त बैठक भी होने जा रही है।
इसके साथ ही नवी मुंबई एयरपोर्ट द्वारा भी यात्रियों को राहत देने के इंतजाम किए जा रहे हैं, जिससे इस सबसे बड़े एविएशन रूट पर परिचालन सुचारू बना रहेगा।
क्यों लिया था उड़ानों में कटौती का फैसला?
- टर्मिनल-1 (T1) का बंद होना: मुंबई एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी (Adani Group) 25 अक्टूबर 2026 से टर्मिनल-1 को पूरी तरह से बंद कर रही है ताकि उसका पुनर्विकास (Redevelopment) किया जा सके। यह काम करीब 3-4 साल चलेगा।
- टर्मिनल-2 (T2) पर बढ़ा दबाव: T1 बंद होने के कारण वहां से चलने वाली सभी घरेलू (Domestic) उड़ानों को टर्मिनल-2 (T2) पर शिफ्ट करना पड़ रहा है।
- भीड़ (Congestion) कम करने का फॉर्मूला: T2 पर अचानक बढ़े इस अतिरिक्त बोझ और भीड़ को संभालने के लिए, एयरपोर्ट ऑपरेटर ने इंटरनेशनल और अन्य बड़ी उड़ानों में 33% (करीब 265 स्लॉट्स) की कटौती करने का प्रस्ताव रखा था।्र
- नवी मुंबई पर शिफ्टिंग का दबाव: इन कटी हुई उड़ानों को नए बन रहे नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने को कहा गया था, जिसका एयरलाइंस ने कम समय और तैयारियों की कमी का हवाला देकर कड़ा विरोध किया।
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