ईदगाह से हनुमान मंदिर तक राहत की तैयारी, रानी झांसी रोड के चार 'जाम प्वाइंट' पर PWD करेगा तकनीकी सुधार
लोक निर्माण विभाग दिल्ली में रानी झांसी रोड पर ईदगाह गोल चक्कर से हनुमान मंदिर गोल चक्कर तक चार जाम ...और पढ़ें

रानी झांसी रोड स्थित ईदगाह गोल चक्कर। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूराे, नई दिल्ली। रानी झांसी रोड पर ईदगाह गोल चक्कर से लेकर हनुमान मंदिर गोल चक्कर तक करीब ढाई किलोमीटर में जाम वाले चार प्वाइंट पर यातायात को बेहतर करने के लिए लोक निर्माण विभाग काम करेगा।
इसे लेकर जल्द काम शुरू होगा और शुरुआत में ईदगाह गोल चक्कर पर सबसे पहले काम किया जाएगा। इसके सर्वे कर यातायात संचालन को बेहतर बनाने के लिहाज से किस तरह से काम किया जा सकता है।
इन सभी संभावनाओं की तलाश की जाएगी। इन चारों प्वाइंट पर जाम दूर करने के लिए तकनीकी खामियां दूर करने पर काम किया जाएगा।
ईदगाह गोल चक्कर
ईदगाह गोल चक्कर पर एक तरफ जगह पर्याप्त है, मगर दूसरी तरफ जगह बहुत कम हो जाती है। मगर आसपास अतिक्रमण और अव्यवस्था के चलते यहां कई बार जाम लगा रहता है। जिसके कारण भी जाम की संभावना बढ़ती है।
यह भी पढ़ें- ऑनलाइन डायग्नोस्टिक सेवाओं पर हाईकोर्ट सख्त, दिल्ली सरकार से मांगा जवाब; 2020 के आदेश पर अमल नहीं
इसे देखते हुए सबसे पहले इस गोल चक्कर पर काम होगा। यहां आसपास की व्यवस्थाओं को बेहतर किया जाएगा जिससे कि लोगों को जाम से कुछ हद तक राहत मिल सके। दरअसल तीस हजारी से रानी झांसी फ्लाईओवर का उपयोग कर वाहन चालक जब यहां पहुंचते हैं तो जाम में फंसते हैं।
ईदगाह के सामने रोहतक रोड टी-प्वाइंट लालबत्ती
ईदगाह के सामने रानी झांसी रोड पर ही रोहतक रोड टी-प्वाइंट लाल बत्ती को हटाने के लिए भी लोक निर्माण विभाग और यातायात पुलिस मिलकर संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है कि बैक-टू- बैक यू टर्न बनाकर इस लाल बत्ती को हटाया जा सके।
रानी झांसी मूर्ति वाला गोल चक्कर
रानी झांसी मूर्ति वाले गोल चक्कर पर भी यातायात का दबाव अधिक रहता है। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने इसका भी तकनीकी सर्वे कर उन सभी संभावनाओं को तलाश करने के लिए कहा है कि जिससे यहां पर यातायात का संचालन बेहतर किया जा सके।
हनुमान मंदिर गोल चक्कर
हनुमान मंदिर गोल चक्कर पर भी यातायात का दबाव काफी रहता है। इस गोल चक्कर को भी तकनीकी रूप से सुधार बनाने के लिए इसे छोटा करने से लेकर सभी संभावनाओं को तलाशा जाएगा।
यह भी पढ़ें- DDA नागरिक आवास योजना 2026: 1712 फ्लैटों पर मिलेगी 25% तक की छूट, 28 जनवरी से शुरू होगी बुकिंग
एक समय में गोल चक्करों के माध्यम से बगैर लाल बत्ती लगाए यातायात का कई जगह बेहतर संचालन हो रहा था। मगर यातायात का दबाव बढ़ने के बाद गाेलचक्करों पर लालबत्तियां भी लगानी पड़ रही हैं। अब इनकी समीक्षा किए जाने की जरूरत है कि किस तरह वहां अधिक वाहन चालक अावागमन में लाभ उठा सकें। मेरा मानना है कि गोल चक्करों का सुंदरीकरण से ज्यादा जरूरी है कि उनकी तकनीकी खामियां दूर की जाएं।
