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सत्य निकेतन में PG गिरा तो जागे अफसर, दिल्ली में PWD गिराएगा 7 खतरनाक डिस्पेंसरी; 60 दिन की डेडलाइन

Published: Thu, 10 Sep 2026 08:42 AM (IST)

सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद पीडब्ल्यूडी ने उत्तरी दिल्ली में सात जर्जर औषधालय भवनों को ध्वस्त करने की तैयारी ...और पढ़ें

वजीरपुर जेजे कॉलोनी स्थित जर्जर औषधालय भवन। जागरण

वजीरपुर जेजे कॉलोनी स्थित जर्जर औषधालय भवन। जागरण

HighLights

  1. सत्य निकेतन हादसे के बाद पीडब्ल्यूडी ने कार्रवाई तेज की

  2. उत्तरी दिल्ली के सात जर्जर औषधालय भवन ध्वस्त होंगे

  3. ध्वस्तीकरण, मलबा हटाने को 60 दिन की समयसीमा तय

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने अपने अधीन आने वाले जर्जर भवनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

विभाग ने अभियंताओं को अपने क्षेत्र में ऐसे भवनों की पहचान कर उनकी स्थिति का आकलन करने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में उत्तर दिल्ली क्षेत्र के लंबे समय से जर्जर सात औषधालय भवनों को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू हो गई है।

सात औषधालय भवन होंगे ध्वस्त

पीडब्ल्यूडी ने सात जर्जर औषधालय भवनों को गिराने, उनसे निकलने वाला मलबा हटाने और जमीन को समतल करने के लिए निविदा जारी की है। इन भवनों की मौजूदा स्थिति में उपयोगिता के साथ उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

ध्वस्त किए जाने वाले औषधालयों में वजीरपुर के-ब्लॉक जेजे कॉलोनी, सी-सात ब्लॉक , केशवपुरम, एच-ब्लॉक जहांगीरपुरी, बी-ब्लॉक जहांगीरपुरी, आइ-ब्लॉक शकूरपुर और नांगलोई जेजे कॉलोनी स्थित औषधालय शामिल हैं।

60 दिन में पूरा होगा ध्वस्तीकरण

निविदा के तहत चयनित एजेंसी को भवनों को सुरक्षित तरीके से ध्वस्त करने के साथ पूरा मलबा हटाना होगा। इसके बाद खाली हुई जमीन को समतल किया जाएगा, ताकि भविष्य में वहां आवश्यकतानुसार विकास कार्य किया जा सके।

विभाग ने पूरी प्रक्रिया के लिए 60 दिन की समयसीमा तय की है। इस कार्य पर 12 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी।

अभियंताओं को भवन जांच के निर्देश

सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद दिल्ली में पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने अपने अधीन आने वाली जर्जर संपत्तियों की पहचान और उनकी स्थिति का आकलन करने की प्रक्रिया तेज की है।

विभाग के अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे भवनों की पहचान कर उनकी स्थिति का आकलन करने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।

नियमित जांच से सुरक्षा होगी मजबूत

जर्जर भवनों को हटाने की कार्रवाई के साथ नियमित अंतराल पर उनकी संरचनात्मक स्थिति की जांच की व्यवस्था प्रभावी करना भी जरूरी है। इससे केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही जोखिम वाले भवनों की पहचान की जा सकेगी।

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