विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

PG छात्रों की सुरक्षा के लिए LG का एक्शन प्लान, दिल्ली पुलिस करेगी सीधा संवाद; 20 सितंबर तक मांगी रिपोर्ट

Published: Thu, 10 Sep 2026 08:15 AM (IST)

सत्य निकेतन पीजी हादसे के बाद, दिल्ली के उपराज्यपाल ने पुलिस को छात्रों की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए उनसे नियमित संवाद करने का निर्देश दिया है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद एलजी तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस को छात्रों से बात करने का आदेश दिया। फोटो: आर्काइव

सत्य निकेतन हादसे के बाद एलजी तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस को छात्रों से बात करने का आदेश दिया। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को छात्रों की समस्याएं जानने का निर्देश दिया

  2. सत्य निकेतन पीजी हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

  3. पुलिस छात्रों से नियमित संवाद कर उनकी चिंताओं का समाधान करेगी

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सत्य निकेतन पीजी हादसे के बाद अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही निजी पीजी और किराये के मकानों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस को छात्रों से नियमित संवाद करने और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

थानेदार छात्रों से नियमित संवाद करेंगे

उपराज्यपाल के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने थानेदारों और सहायक पुलिस उपाधीक्षकों को छात्रों के साथ नियमित संवाद करने का आदेश दिया है। विश्वविद्यालय परिसरों, कॉलेजों के आसपास और उन क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।

पुलिस अधिकारियों को छात्रों की चिंताओं और समस्याओं को सुनने के साथ जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय करने को कहा गया है।

सुरक्षा कमियों की पहचान पर रहेगा जोर

पुलिस-छात्र संवाद का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को जानना और सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों की पहचान करना है। इसके साथ अपराध, उत्पीड़न, महिलाओं की सुरक्षा और आवास से जुड़ी चिंताओं का भी आकलन किया जाएगा।

छात्रों की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले कारणों की पहचान कर त्वरित सुधारात्मक और निवारक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया है।

नागरिक एजेंसियों से समन्वय करेगी पुलिस

छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए जरूरत के अनुसार संबंधित नागरिक एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाएगा। उपराज्यपाल ने छात्रों से संवाद के जरिये उनके बीच विश्वास को मजबूत करने पर जोर दिया है।

पुलिस को इस पहल का इंटरनेट मीडिया प्लेटफाॅर्मों और अन्य माध्यमों से प्रचार करने के लिए भी कहा गया है।

20 सितंबर तक देनी होगी रिपोर्ट

दिल्ली पुलिस को इस पहल के संबंध में 20 सितंबर तक क्रियान्वयन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। सत्य निकेतन पीजी हादसे के बाद दिल्ली में निजी पीजी और किराये के मकानों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच यह पहल की जा रही है।

पुलिस-छात्र संवाद का उद्देश्य

  • छात्रों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को सुनना, सुरक्षा में कमियों की पहचान करना।
  • अपराध, उत्पीड़न, महिलाओं की सुरक्षा, आवास संबंधित चिंता और उनकी सुरक्षा को प्रभावित करने वाले कारणों का आकलन।
  • त्वरित सुधारात्मक और निवारक उपाय करना।
  • समस्या दूर करने को संबंधित नागरिक एजेंसियों से समंवय।

यह भी पढ़ें- कोई IAS तो कोई बनना चाहता था IPS, सत्य निकेतन हादसे में दो साथियों की मौत से टूटा छह दोस्तों का ख्वाब

यह भी पढ़ें- सत्य निकेतन हादसे पर एबीवीपी का प्रदर्शन तेज, आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़ा संगठन