सत्य निकेतन हादसे पर एबीवीपी का प्रदर्शन तेज, आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़ा संगठन
सत्य निकेतन पीजी भवन गिरने की घटना के बाद एबीवीपी ने एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन तेज कर दिया है।

विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर एबीवीपी का आंदोलन तेज हो गया है।
HighLights
एबीवीपी ने एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार का इस्तीफा मांगा।
संगठन ने पीजी में सुरक्षा सेल्फ ऑडिट अभियान चलाया।
सत्य निकेतन हादसे के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा पर जोर।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सत्य निकेतन में पीजी भवन गिरने की घटना के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर एबीवीपी का आंदोलन तेज हो गया है। एबीवीपी के छात्र नेताओं ने एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि प्रशासनिक जवाबदेही तय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
संगठन का कहना है कि आयुक्त के इस्तीफे से नीचे किसी कार्रवाई पर बात नहीं बनेगी। एबीवीपी ने बुधवार को ‘आखिर कब तक?’ अभियान के तहत विभिन्न पीजी में संपर्क अभियान चलाकर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाई।
प्राप्त आंकड़ों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा
अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने विद्यार्थियों को एक वेबसाइट का क्यूआर कोड स्कैन करवाकर अपने पीजी का सुरक्षा सेल्फ आडिट करने के लिए प्रेरित किया। इसके माध्यम से भवन की संरचनात्मक स्थिति, अग्नि सुरक्षा और अन्य जरूरी मानकों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। संगठन का कहना है कि प्राप्त आंकड़ों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और पीजी में सुरक्षा कमियों को दूर कराने की मांग की जाएगी।
सत्य निकेतन हादसे के बाद भी प्रशासनिक जवाबदेही तय करना जरूरी
एबीवीपी ने विद्यार्थी बहुल इलाकों में संचालित पीजी और अन्य छात्र आवासों का शत-प्रतिशत संरचनात्मक व अग्नि सुरक्षा आडिट कराने की मांग की है। संगठन के अनुसार, सत्य निकेतन हादसे के बाद भी प्रशासनिक जवाबदेही तय करना जरूरी है। बुधवार को दिवंगत विद्यार्थियों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा भी आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थी, शिक्षक और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए और मृत विद्यार्थियों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के सुरक्षित आवास का मुद्दा संगठन पहले भी उठाता रहा है। उनका कहना है कि अभियान से सामने आने वाली कमियों को अधिकारियों के सामने रखा जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
