प्रवेश वर्मा ने मानहानि मामले में खटखटाया सत्र अदालत का दरवाजा, सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ आपराधिक मानहानि मामले को ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा और आप नेता सौरभ भारद्वाज। फोटो-जागरण आर्काइव
HighLights
प्रवेश वर्मा ने मानहानि मामले को खारिज करने के फैसले को चुनौती दी।
सत्र अदालत ने सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी, मामला दिल्ली में।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले को खारिज किए जाने के फैसले को सत्र अदालत में चुनौती दी है।
इस मामले में राउज ऋवृनंयू स्थित विशेष न्यायाधीश रूबी नीरज कुमार की अदालत ने सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर को करेगी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, प्रवेश वर्मा ने भारद्वाज के इंटरनेट मीडिया पोस्ट को लेकर आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि भारद्वाज ने 15 और 16 मई को अपने एक्स हैंडल से उनके खिलाफ झूठे और मानहानिकारक पोस्ट और वीडियो साझा किए थे।
इन पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि प्रवेश वर्मा ने एक निजी स्कूल के ट्रस्ट में अपने सहयोगी अमरजीत सिंह बाबू को ट्रस्टी नियुक्त कराने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। साथ ही, स्कूल में तीन वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले के आरोपित कर्मचारियों के पक्ष में प्रभाव इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया था।
अदालत ने क्या कहा?
राउज एवेन्यू कोर्ट की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने 10 अक्टूबर को शिकायत खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि भारद्वाज की इंटरनेट मीडिया पोस्ट सरकार की आलोचना के उद्देश्य से पूछे गए सवालों के स्वरूप में थीं और उनसे किसी की मानहानि साबित नहीं होती।
मजिस्ट्रेट ने यह भी टिप्पणी की थी कि प्रवेश वर्मा अदालत में साफ नीयत के साथ नहीं आए हैं। इस आदेश के खिलाफ प्रवेश वर्मा ने पुनरीक्षण याचिका दायर की है।
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