रेलवे स्टेशनों पर कुली बंद करा देते हैं एस्केलेटर! CAG रिपोर्ट के बाद बढ़ी निगरानी, CCTV से रखी जाएगी नजर
कैग रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रेलवे स्टेशनों पर कुली जानबूझकर एस्केलेटर बंद कर देते हैं ताकि यात्री उनकी ...और पढ़ें

HighLights
कैग रिपोर्ट में कुलियों द्वारा एस्केलेटर बंद करने का खुलासा हुआ।
यात्रियों को मजबूर करने के लिए कुलियों की मनमानी सामने आई।
रेलवे ने स्टेशनों पर निगरानी और सीसीटीवी कवरेज बढ़ाई।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। यात्रियों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंचने में परेशानी न हो इसके लिए रेलवे स्टेशनों पर एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन, अक्सर इनके बंद रहने की शिकायत आती रहती है।
पिछले माह संसद में भारत के नियंत्रक एवं लेखा परीक्षक (कैग) की पेश की गई रिपोर्ट में भी एस्केलेटर बंद रहने पर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट में कुलियों द्वारा जानबूझकर इसे बंद कराने की बात सामने आई है, जिससे कि यात्री उनकी सेवा लेने के लिए मजबूर हो जाएं।
रेल मदद एप पर भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। इसके बाद से स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
एस्केलेटर के पास सीसीटीवी कैमरे नहीं
अधिक व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर भी अक्सर एस्केलेटर बंद रहते हैं। लोग समझते हैं कि किसी खराबी के कारण एेसा हुआ है। कई बार यह सही भी होता है, लेकिन यह एकमात्र कारण नहीं है। सही तरह से निगरानी नहीं होने का फायदा उठाते हुए कुली भी इसे बंद कर देते हैं।
कैग रिपोर्ट में अहमदाबाद रेलवे स्टेशन का उदाहरण देकर इसकी सच्चाई सामने लाई गई है। संबंधित रेलवे अधिकारियों ने भी यह स्वीकार किया है कि एस्केलेटर के चाबी के स्लाट के साथ छेड़छाड़ कर उसे बाधित कर देते हैं।
कई स्टेशनों पर एस्केलेटर के पास सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से इसकी सही तरह से निगरानी नहीं होती है जिससे इस तरह के मामले सामने आते हैं। रेलवे अधिकािरयों के अनुसार ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय एस्केलेटर बंद होने की शिकायत रेल मदद एप पर भी मिलते हैं।
उत्तर रेलवे में स्टेशनों पर तैनात कर्मियों को एस्केलेटर और लिफ्ट संचालन पर निगरानी रखने को कहा गया है। यदि किसी तरह की खराबी से यह बंद होता है तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारी को दी जाती है जिससे कि त्वरित समाधान किया जा सके।
सभी स्टेशनों पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि एस्केलेटर और लिफ्ट सीसीटीवी कवरेज में रहे।
और बढ़ाई जाएगी निगरानी और जांच
नई दिल्ली, आनंद विहार सहित सभी बड़े स्टेशनों पर काम करने वाले कुलियों पर भी नजर रखी जा रही है। गुप्त जांच की जा रही है। हाल ही में अधिक पैसे लेने वाले 13 लाइसेंसधारी कुलियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। त्योहार के दिनों में निगरानी और जांच और बढ़ाई जाएगी।
40 किलो तक के समान और 20 मिनट के लिए 140 रुपये शुल्क निर्धारित है।
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