पीरागढ़ी हत्याकांड: तांत्रिक कमरुद्दीन के खूनी साम्राज्य का पर्दाफाश, दिल्ली से राजस्थान तक फैला था जाल
पीरागढ़ी तिहरे हत्याकांड में गिरफ्तार कमरुद्दीन उर्फ बाबा के खूनी इतिहास की नई परतें खुली हैं। पुलिस जांच में सामने ...और पढ़ें

पुलिस की हिरासत में पीरागढ़ी में कार के अंदर तीन लोगों की हत्या का आरोपी कमरुद्दीन।

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जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। बाहरी दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में एक कार के भीतर तीन लोगों की हत्या के मामले में गिरफ्तार लोनी निवासी मियां कमरुद्दीन उर्फ बाबा के खूनी साम्राज्य की नई परतो को पुलिस ने खोल दिया है।
बाहरी जिला उपायुक्त सचिन शर्मा के अनुसार, 72 वर्षीय यह आरोपित एक आदतन अपराधी है जिसने अंधविश्वास और लालच की आड़ में न जाने कितने परिवारों को बर्बाद किया है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि कमरुद्दीन ने साल 2010 के आसपास उत्तर प्रदेश में अपने एक गुरु से तंत्र-मंत्र और ओझागिरी की यह खतरनाक विद्या सीखी थी। इसके बाद से ही वह लोगों को झांसे में लेने लगा।
उसका पहला ज्ञात शिकार राजस्थान का एक निसंतान दंपत्ति बना था, जो संतान प्राप्ति की चाह में उसके पास पहुंचा था। पुलिस की जांच के अनुसार, कमरुद्दीन के बहकावे में आकर पति ने अपनी ही पत्नी की हत्या कर दी थी।
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CCTV में हरे रंग की थैली के साथ दिखे
8 फरवरी का एक सीसीटीवी फुटेज इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी साबित हुआ है। यह वीडियो दोपहर 1:13 मिनट का है, जिसमें कमरुद्दीन अपने लोनी स्थित घर के पास हाथ में एक हरे रंग की थैली ले जाता दिख रहा है।
पुलिस का दावा है कि इसी थैली में वह बेसन के जहरीले लड्डू और अंडे थे, जिनका उपयोग वह अपनी ढोंगी तांत्रिक क्रियाओं में करता था। फुटेज में वह पीड़ित रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी के साथ कार में बैठकर पीरागढ़ी की ओर रवाना होता भी नजर आया है।
दिल्ली से यूपी और राजस्थान तक फैला था जाल
उपायुक्त ने बताया कि अब तक की पूछताछ में कमरुद्दीन ने तीन हत्याओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, हालांकि जांच में पीड़ितों की संख्या और अधिक होने के संकेत मिले हैं। इसमें 2024 में हुई फिरोजाबाद कांड है।
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जिसमें मई 2024 में उसने फिरोजाबाद के दो भाइयों, रामनाथ और पूरन को गुप्त खजाना दिलाने के बहाने जहरीले लड्डू खिलाकर मार दिया था।
उनके शवों के पास से भी कांच की वस्तुएं, लड्डू और छोटी साइकिल जैसे तांत्रिक अवशेष मिले थे। 2014 का धौलपुर मामला है, जिसमें राजस्थान के धौलपुर में भी उस पर एक महिला की हत्या का आरोप है।
जांच के दायरे में परिवार और काली कमाई
पुलिस अब कमरुद्दीन की संपत्तियों की वित्तीय जांच कर रही है, क्योंकि शुरुआती जांच में उसके पास कई बेनामी संपत्तियों के होने का पता चला है। साथ ही, इस पूरे सिंडिकेट में उसके परिवार के सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कार से बरामद गिलास, शराब की बोतलें, कार मैट और पीड़ितों के आईडी कार्ड को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। बरामद सामान यह भी संकेत देते हैं कि लक्ष्मी और शिव नरेश पिछले कुछ समय से बाबा की तांत्रिक क्रियाओं का पालन कर रहे थे।
पति से अलग जहांगीरपुरी में रहती थी लक्ष्मी
पीरागढ़ी फ्लाइओवर के पास रविवार को एक कार के अंदर मिले तीन शवों में एक लक्ष्मी का शव को बुधवार को उनके पति प्रवीण राम संजय गांधी अस्पताल से लेकर अपने पैतृक गांव बिहार के बांका जिला के धौरैया चले गए।
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जानकारी के मुताबिक लक्ष्मी अपने पति प्रवीण से कई सालों से अलग जहांगीरपुरी स्थित के ब्लाक में रहती थी। पति प्रवीण ने बताया कि उनके दो बेटे और दो बेटियां उनके साथ गांव में रहती हैं।
लक्ष्मी से कुछ दिन पहले किसी काम को लेकर बात हुई थी। उन्होंने न तो रणधीर और नहीं शिव नरेश और नहीं किसी बाबा के बारे में कोई बात बताई थी।
बेटे और बेटियों से भी कभी-कभी पत्नी की बात होती थी, लेकिन ऐसा उन्होंने कुछ नहीं बताया, जिससे यह पता लगाया जा सके कि लक्ष्मी रणधीर और शिव नरेश को कैसे जानती थी या बाबा तक कैसे पहुंची।
इसकी कोई जानकारी उनके पास नहीं है। बस उन्हें इतना पता है कि लक्ष्मी किसी अस्पताल में नौकरी करती थी। बेटो और बेटियों के खर्च के लिए कभी-कभी कुछ पैसे भेजती थी। किसी बात को लेकर वे एक दूसरे से अलग रह रहे थे।
पांच महीने पहले गांव गई थी लक्ष्मी
प्रवीण ने बताया कि पांच महीने पहले लक्ष्मी गावं आई थी। बच्चों के साथ कुछ घंटे समय बिताने के बात वह चली गई थी। उस समय भी बच्चों से यहा मुझसे किसी बाबा या फिर अन्य मृतकों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। नौ फरवरी को पुलिस ने उन्हें लक्ष्मी की मौत की जानकारी दी थी।
जिसके बाद वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बुधवार को दिल्ली पहुंचे। पुलिस से पता तला कि लक्ष्मी को किसी बाबा ने लड्डू में जहर मिलाकर दे दिया था। जिससे उसकी मौत हो गई।
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