दिल्ली में जहरीली हवा के पीछे पाकिस्तान का हाथ, तीन गुना ज्यादा जलाए जा रहे पराली
दिल्ली की जहरीली हवा के पीछे पाकिस्तान में जल रही पराली का धुआं का बड़ा हाथ है। पाकिस्तान के पंजाब ...और पढ़ें

पराली जलाने से दूषित हो रही हवा। फोटो-जागरण आर्काइव
HighLights
पाकिस्तान में पराली जलाना दिल्ली प्रदूषण का प्रमुख कारण।
भारतीय पंजाब से तीन गुना अधिक पराली जलाई जा रही।
सीएक्यूएम अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाएगा प्रदूषण मुद्दा।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली की जहरीली हवा के पीछे अब पड़ोसी देश पाकिस्तान में जल रही पराली का धुआं भी एक बड़ी चिंता बनकर सामने आया है। भारत के पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं के बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इससे तीन गुना से भी अधिक आग लगाई जा रही है।
नासा के सैटेलाइट से मिले आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। 29 अक्टूबर से चार नवंबर के बीच पाकिस्तान में पराली जलाने की 2813 घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि भारतीय पंजाब में 893 और हरियाणा में महज 87 घटनाएं सामने आईं।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया जाएगा मुद्दा
उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ पाकिस्तान से उठने वाला धुआं भी दिल्ली सहित एनसीआर की हवा को प्रदूषित कर रहा है। इस सीमा पार प्रदूषण का मुद्दा अब वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की तैयारी में है। दूसरे देश में पराली जलाने पर आयोग सीधे कोई कार्रवाई नहीं कर सकता।
लिहाजा वह अब आठ देशों के संगठन अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र (आइसीआइएमओडी) को पत्र लिखने जा रहा है। आयोग इस मंच पर साफ हवा को सभी का अधिकार बताते हुए पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर हो रही पराली जलाने की घटनाओं का मुद्दा उठाएगा। मालूम हो कि इस संगठन से भारत, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, चीन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और म्यांमार जुड़े हुए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में पराली जलाने पर रोक
दरअसल, दिल्ली एवं एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए हर साल पराली जलाने पर रोक और किसानों को जागरूक करने के उपाय किए जाते हैं। इसके बावजूद सीमा पार से आने वाले धुएं पर भारत की एजेंसियों का कोई सीधा नियंत्रण नहीं है। ऐसे में सीएक्यूएम क्षेत्रीय सहयोग के जरिये इस समस्या को उठाना चाहता है। आयोग का मानना है कि हवा की कोई सीमा नहीं होती और एक देश में होने वाली गतिविधियों का खामियाजा दूसरे देश के लोगों को भी भुगतना पड़ सकता है।
सात दिन में कहां कितनी जली पराली
क्षेत्र सैटेलाइट से सामने आईं घटनाओं के मुताबिक पंजाब (पाकिस्तान) 2813, पंजाब (भारत) 893 और हरियाणा 87 में पराली जलाने की घटनाएं सामने आई है।
पाकिस्तान में लगातार बढ़ीं घटनाएं
सैटेलाइट आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में 29 अक्टूबर को आग की 293 घटनाएं थीं, जो एक नवंबर को बढ़कर 1944 और चार नवंबर तक 2813 हो गईं। वहीं, भारतीय पंजाब में इस अवधि में कुल 893 और हरियाणा में 87 घटनाएं दर्ज की गईं। यह आंकड़े सीमा पार पराली जलाने की समस्या के बड़े पैमाने को दर्शाते हैं।
दैनिक जागरण से बातचीत में सीएक्यूएम के सदस्य सचिव तरुण पिथौड़े ने बताया कि साफ हवा सभी का साझा अधिकार है। इसके लिए जिम्मेदारी भी सभी की सामूहिक है। इसलिए इसे मुद्दे को आइसीआइएमओडी के समक्ष उठाकर कोई समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
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